
Lucknow, 29 जनवरी . उत्तर प्रदेश Government में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों के विरोध पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि अगर सामान्य वर्ग के लोगों को Government पर भरोसा नहीं है तो उन्हें कोर्ट का रुख करना चाहिए.
समाचार एजेंसी से कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, “यूजीसी कमेटी में कुल 17 सामान्य वर्ग के सदस्य थे. उन्होंने उस पर अपने विचार भी रखे हैं. जो रिपोर्ट बनी है और जो कानून लागू है, उस कानून में अगर किसी को कोई दिक्कत है, तो उसके लिए Government एक कमेटी बनाएगी और 15 दिनों में रिपोर्ट आ जाएगी. अगर कोई कमी निकलेगी, तो हम उसे ठीक करेंगे.”
राजभर ने याद दिलाया कि जब 27 प्रतिशत आरक्षण पिछड़ा वर्ग के लिए लागू हुआ, तब भी यही वर्ग विरोध कर रहा था. पिछड़ा वर्ग Supreme Court गया था, जहां से उन्हें न्याय मिला और 27 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था लागू की गई. उन्होंने यह भी कहा कि इसी तरह सामान्य वर्ग को कोई अंदेशा है और Government पर अगर भरोसा नहीं है तो उन्हें Supreme Court जाना चाहिए.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर भी मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने जवाब दिया. उन्होंने कहा, “साधु संत अपने उद्देश्य की पूर्ति के लिए संगम स्नान करने जाते हैं, न कि वहां जाकर राजनीति का एक मोहरा बनते हैं. शंकराचार्य एक तरीके से राजनीति के मोहरा बने हैं.”
उन्होंने कहा कि स्नान के साथ पूजा-पाठ करें और ठहरें, इससे किसी को परेशानी नहीं होती. लेकिन वे Prime Minister और Chief Minister के खिलाफ गलत बयानबाजी कर रहे हैं. सारे विपक्ष के नेता आपके रहनुमा बन चुके हैं, तो यह साफ तौर पर राजनीति को दर्शाता है.
राजभर ने पश्चिम बंगाल की Chief Minister ममता बनर्जी के बयानों के बाद उन पर अजित पवार के निधन को लेकर राजनीति करने के आरोप लगाए. उन्होंने कहा, “अजित पवार जी से दुश्मनी हो सकती है, लेकिन जो पायलट थे, उनसे क्या दुश्मनी थी? उनके साथ चार लोगों की डेथ और हुई न? उन चार लोगों से कौन-सी दुश्मनी थी? तो ये उनका विषय है. Government अपना काम कर रही है. कहने के लिए कोई कुछ भी कह सकता है.”
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डीसीएच/