
भुवनेश्वर, 2 जुलाई . Odisha के उच्च शिक्षा विभाग ने Thursday को राज्य के सभी Governmentी और Governmentी सहायता प्राप्त कॉलेजों के प्रिंसिपल्स को निर्देश दिया कि वे अपने कॉलेज परिसर के आसपास का फिजिकल वेरिफिकेशन करें और यह जानकारी दें कि कॉलेज से 500 मीटर के दायरे में कहीं नशीले पदार्थ, मादक दवाएं, शराब, तंबाकू या अन्य नशे वाले पदार्थ बेचने वाली दुकानें तो नहीं हैं.
उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जारी आधिकारिक पत्र में विभाग के एसएनओ-सह-उप सचिव रमेश चंद्र बेहरा ने कहा कि यह कदम राष्ट्रीय नारकोटिक्स समन्वय (एनसीओआरडी) व्यवस्था और छात्रों के लिए सुरक्षित, स्वस्थ और नशामुक्त शैक्षणिक माहौल बनाने की Governmentी पहल का हिस्सा है.
उन्होंने पत्र में कहा, “राष्ट्रीय नारकोटिक्स समन्वय व्यवस्था और Government की प्रतिबद्धता के तहत यह सुनिश्चित किया जाना है कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 500 मीटर के दायरे में मादक दवाएं, साइकोट्रॉपिक पदार्थ, शराब, तंबाकू या अन्य नशीले पदार्थ बेचने वाली कोई भी दुकान या आउटलेट संचालित न हो. यह संबंधित कानूनों और Governmentी निर्देशों के अनुसार लागू किया जाएगा.”
इन नियमों के पालन की निगरानी और जांच के लिए सभी प्राचार्यों को अपने संस्थानों के आसपास का भौतिक सत्यापन करने और 15 जुलाई 2026 तक एचआईएमएस पोर्टल पर निर्धारित जानकारी अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं.
विभाग ने कहा, “आपसे अनुरोध है कि भौतिक सत्यापन कर निर्धारित जानकारी 15 जुलाई 2026 तक हर हाल में एचआईएमएस पोर्टल पर उपलब्ध कराएं.”
छात्रों के बीच नशे और तंबाकू उत्पादों के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर चिंता के बीच Odisha Government ने नशे पर रोक लगाने के लिए कई कदम उठाए हैं.
कॉलेज प्राचार्यों को जारी यह नया निर्देश राज्य Government के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य युवाओं में नशे और तंबाकू के इस्तेमाल को रोकना तथा शैक्षणिक परिसरों में रोकथाम के उपायों को और मजबूत करना है.
Government को उम्मीद है कि इस कदम से उच्च शिक्षण संस्थानों के आसपास निगरानी बढ़ेगी और कॉलेज परिसरों को नशे, शराब और अन्य मादक पदार्थों के प्रभाव से मुक्त रखने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी.
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एएमटी/एमएस