
New Delhi, 23 मई . संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) की 11वीं समीक्षा बैठक बेनतीजा रहने पर निराशा व्यक्त की है. अफसोस जताया है कि “सम्मेलन अपने मकसद को पूरा नहीं कर सका.”
Friday को 11वीं समीक्षा बैठक बिना किसी सहमति के समाप्त हो गई. इसके बाद उनके प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने गुटेरेस के हवाले से एक बयान जारी किया. इसमें कहा गया कि गुटेरेस ने सदस्य देशों की भागीदारी का स्वागत किया, लेकिन यह अफसोस जताया कि सम्मेलन अपने मकसद को पूरा नहीं कर सका, खासकर ऐसे समय में जब अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर चुनौतियां सामने खड़ी हैं.
उन्होंने सभी देशों से अपील की कि वे तनाव कम करने और परमाणु जोखिम घटाने के लिए ‘डायलॉग और डिप्लोमेसी’ के हर संभव रास्ते का उपयोग करें. गुटेरेस ने कहा कि परमाणु हथियारों से मुक्त दुनिया संयुक्त राष्ट्र की सर्वोच्च निरस्त्रीकरण प्राथमिकता है.
इससे पहले ईरान ने अमेरिका पर संयुक्त राष्ट्र में परमाणु बातचीत को बिगाड़ने का आरोप लगाया. तेहरान का कहना है कि उसकी ज्यादा सख्त मांगों की वजह से परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) को लेकर चल रही वार्ता बिगड़ गई.
यूएन में ईरान के स्थायी मिशन ने इसकी जानकारी social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दी. उन्होंने लिखा, अमेरिका की अत्यधिक मांगों ने एनपीटी को पतन की ओर धकेल दिया है. अमेरिका और उसके सहयोगियों की बाधा डालने वाली नीतियों के कारण एनपीटी समीक्षा सम्मेलन लगातार तीसरी बार विफल रहा.”
ईरान का स्पष्ट मानना है कि अमेरिका इस बैठक का इस्तेमाल उनके परमाणु कार्यक्रम पर दबाव बनाने के लिए कर रहा था. इसी वजह से बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी.
संयुक्त राष्ट्र में परमाणु हथियारों को रोकने और दुनिया में शांति बनाए रखने को लेकर एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया था. सम्मेलन 27 अप्रैल को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में शुरू हुआ. इस बैठक में कई देशों ने हिस्सा लिया. सम्मेलन का उद्देश्य परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकना, देशों के बीच तनाव कम करना और दुनिया को परमाणु हथियारों के खतरे से सुरक्षित बनाना था.
एनपीटी एक अंतर्राष्ट्रीय संधि है, जिसका उद्देश्य परमाणु हथियारों का प्रसार रोकना, परमाणु निरस्त्रीकरण को बढ़ावा देना और परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग में सहयोग करना है.
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केआर/