
Lucknow, 5 जुलाई . सुभासपा प्रमुख और उत्तर प्रदेश Government में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने Samajwadi Party के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कुर्मी समाज के अपमान का आरोप लगाते हुए निशाना साधा है. राजभर ने कहा कि सामाजिक न्याय के प्रखर नेता और अपना दल के संस्थापक डॉ. सोनेलाल पटेल की जयंती पर अखिलेश यादव द्वारा श्रद्धांजलि तक नहीं देना यह साबित करता है कि सपा में गैर-यादव पिछड़े वर्ग के नेताओं के प्रति सम्मान का अभाव है.
उन्होंने दावा किया कि सपा ‘यादववादी पार्टी’ बन चुकी है और गैर-यादव ओबीसी नेताओं की उपेक्षा उसकी Political सोच का हिस्सा है. सुभासपा मुखिया ओम प्रकाश राजभर ने social media मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि राजा बाबू उर्फ अखिलेश यादव जी, सुप्रभात. उन्होंने कहा कि आज मैं बात आपसे करूंगा, लेकिन बात कुर्मी समाज के भाइयों की होगी. बात उनके सम्मान की होगी, उनके नेता की होगी, उनके नेता के तिरस्कार की होगी.
राजभर ने कहा कि तीन दिन पहले, यानी दो जुलाई को, सामाजिक न्याय के प्रखर पुरोधा एवं वंचित, शोषित, तथा पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए आजीवन समर्पित श्रद्धेय डॉ. सोनेलाल पटेल की जयंती थी. याद है न? आपको शायद पता भी ना हो, लेकिन डॉ. सोनेलाल जी की जयंती थी. उन्होंने कहा कि आपके social media हैंडल पर नजर दौड़ाई तो देखा कि कुर्मी समाज के शीर्ष नेता डॉ. सोनेलाल पर आपने एक शब्द नहीं लिखा. श्रद्धेय डॉ. सोनेलाल के लिए श्रद्धांजलि, श्रद्धा सुमन, आदर, या सम्मान में आपके पास दो शब्द नहीं थे.
मंत्री ने कहा कि ऐसा लगता है जैसे आपके लिए नायक होने की पहली शर्त है, यादव होना. कुर्मी या गैर यादव ओबीसी एवं दलित नायकों को आप नायक नहीं मानते. उनके प्रति इनके हृदय में कोई सम्मान नहीं, बल्कि घृणा का भाव है. उन्होंने कहा कि अखिलेश, जीवन में Political शुचिता और मर्यादा भी होती है. आप थोड़ा उसका तो ध्यान कर लेते. श्रद्धेय सोनेलाल की बेटी ने आपको ठीक एक दिन पहले यानी एक जुलाई को आपको जन्मदिन पर बधाई दी थी. उनमें Political शुचिता, सम्मान और आदर है पर आप में नहीं. ये यादव-मुस्लिम गठजोड़ में अहंकारी हो गए हैं.
मंत्री राजभर ने कहा कि श्रद्धेय सोनेलाल की एक बेटी से भले आपके Political मतभेद हैं, लेकिन दूसरी बेटी तो आपके ही साथ है. आपकी पार्टी के विधायक हैं. डॉ. सोनेलाल पटेल की पत्नी और एक बेटी आपकी सहयोगी हैं. फिर भी सम्मान के एक शब्द नहीं? इस बात का ध्यान तो रखते कि श्रद्धेय सोनेलाल सामाजिक न्याय की लड़ाई के बड़े पुरोधाओं में से एक थे. उनका सम्मान तो आपके पिता स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव जी भी करते थे. कम से कम अपने पिता की परंपरा का ही निर्वहन कर लेते.
सुभासपा प्रमुख ने कहा कि पूरा कुर्मी समाज ये मान रहा है कि सिर्फ कुर्मी होने की वजह से आपने उन्हें श्रद्धांजलि नहीं दी. अगर यादव होते तो धूमधाम से कार्यक्रम आयोजित कर दिए जाते. उन्होंने कहा कि एक बात है ‘वाईपी’ में कुर्मी नेताओं की क्या दुर्गति होती है, इसे पूरा उत्तर प्रदेश जानता है. स्वर्गीय बाबू बेनी प्रसाद वर्मा को ‘यादववाद’ के कारण ही तो आपकी पार्टी छोड़नी पड़ी थी. दोबारा वो आपकी पार्टी में तब आए, जब आपकी पूरी पार्टी उनके कदमों में सरेंडर हो गई.
राजभर ने कहा कि मैं तो कहूंगा कुर्मी भाइयों से कि ‘यादववादी पार्टी’ की यही सच्चाई है. जितनी जल्दी स्वीकार कर लेंगे, आप ही लोगों के हित में रहेगा. वैसे, हमारा स्वाभिमान बचा रहे यही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है. बाकी बहुजनों की लड़ाई ओम प्रकाश हमेशा से लड़ता आया है और लड़ता रहेगा. जय भारत, जय श्री राम, जय महाराज सुहेलदेव.
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विकेटी/डीकेपी