
New Delhi, 5 जुलाई . प्रख्यात पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित तीजन बाई के निधन पर पूरे देश में शोक की लहर है. President द्रौपदी मुर्मु, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और छत्तीसगढ़ के Chief Minister विष्णुदेव साय समेत कई प्रमुख नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. सभी ने उनके निधन को कला जगत और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपरा के लिए अपूरणीय क्षति बताया.
President द्रौपदी मुर्मु ने कहा, “प्रख्यात पंडवानी कलाकार तीजन बाई के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है. उन्होंने अपनी सशक्त आवाज, प्रभावशाली उपस्थिति और अनोखी प्रस्तुति से महाIndia की कथाओं को मंच पर जीवंत किया. अपनी विलक्षण प्रतिभा, समर्पण और वर्षों की साधना से उन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध पंडवानी परंपरा को देश-विदेश में पहचान दिलाई. भारतीय सांस्कृतिक विरासत का प्रसार करने में उनका अमूल्य योगदान स्मरणीय रहेगा. मैं उनके प्रियजनों और प्रशंसकों के प्रति गहन संवेदनाएं व्यक्त करती हूं.”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “पद्म विभूषण से सम्मानित प्रख्यात पंडवानी गायिका तीजन बाई का निधन कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है. अपनी अद्वितीय प्रतिभा और समर्पण से उन्होंने पंडवानी लोककला को विशिष्ट पहचान दिलाई. छत्तीसगढ़ की इस लोककला के संवर्धन में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा. ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान और शोकाकुल परिजनों व उनके प्रशंसकों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें.”
छत्तीसगढ़ के Chief Minister ने रायपुर एम्स पहुंचकर तीजन बाई के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “तीजन बाई का निधन छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत के लिए अपूरणीय क्षति है. अपनी अद्वितीय कला-साधना और विलक्षण प्रतिभा से उन्होंने पंडवानी को विश्व पटल पर विशिष्ट पहचान दिलाई. उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा. राज्य Government की ओर से उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा.”
उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने पोस्ट किया, “सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका और ‘पद्म विभूषण’ तीजन बाई का निधन अत्यंत दुखद है. विनम्र श्रद्धांजलि. उन्होंने अपनी विलक्षण प्रतिभा, सशक्त अभिव्यक्ति और संगीत साधना के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा ‘पंडवानी’ को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया. भारतीय लोककला व सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन में उनका योगदान अविस्मरणीय है. मां दंतेश्वरी से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान और शोकाकुल परिजनों व उनके प्रशंसकों को यह अथाह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें.”
छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने लिखा, “आज पंडवानी का एक सुर सदा के लिए शांत हो गया है. छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता की सशक्त प्रतीक, पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण से अलंकृत, विश्वविख्यात पंडवानी की अप्रतिम साधिका तीजन बाई का देहांत छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक चेतना के लिए एक अपूरणीय क्षति है. तीजन बाई ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाते हुए अनगिनत कलाकारों को प्रेरणा प्रदान की. प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीधाम में स्थान प्रदान करें तथा शोक-संतप्त परिजनों को यह असीम दुख सहने की शक्ति दें.”
छत्तीसगढ़ के पूर्व Chief Minister और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने भी तीजन बाई के निधन पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “छत्तीसगढ़ की अनमोल रत्न, महान पंडवानी गायिका, पद्म विभूषण तीजन बाई का निधन छत्तीसगढ़ के साथ-साथ देश में कला और संस्कृति की बड़ी क्षति है. उन्होंने अपने गायन से पंडवानी विधा को सजीव रखा और छत्तीसगढ़ का नाम विश्व पटल पर गौरवान्वित किया. हम सब आज उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे और उनके परिजनों व प्रशंसकों को संबल दे.”
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