तमिलनाडु चुनाव: टीवीके उम्मीदवार के.ए. सेंगोट्टैयन का नामांकन आपत्तियों के चलते लंबित

कोयंबटूर, 7 अप्रैल . तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया के दौरान गोबीचेट्टिपालयम सीट पर विवाद खड़ा हो गया है. तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के उम्मीदवार के.ए. सेंगोट्टैयन का नामांकन प्रतिद्वंद्वी दलों की आपत्तियों के बाद फिलहाल लंबित रखा गया है.

चुनाव अधिकारियों ने अंतिम निर्णय से पहले विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है, जिससे इस हाई-प्रोफाइल सीट पर अनिश्चितता बढ़ गई है.

सेंगोट्टैयन, जो नौ बार विधायक रह चुके हैं और एआईएडीएमके Government में मंत्री भी रह चुके हैं, ने इस सप्ताह की शुरुआत में अपना नामांकन दाखिल किया था. लेकिन जांच के दौरान ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) के प्रतिनिधियों, खासकर उनके उम्मीदवार वी.बी. प्रभु, ने उनके हलफनामे में कई कथित गड़बड़ियों की ओर इशारा किया.

मुख्य आपत्तियों में हलफनामे पर नोटरी सत्यापन की वैधता शामिल है. एआईएडीएमके नेताओं का दावा है कि जिस नोटरी पब्लिक ने दस्तावेज प्रमाणित किया, उसका लाइसेंस समाप्त हो चुका था, जिससे हलफनामा अमान्य हो सकता है.

इसके अलावा, एक निर्माणाधीन आवासीय संपत्ति का विवरण कथित रूप से न देने का मुद्दा भी उठाया गया है, जो यदि सही पाया जाता है तो संपत्ति के अधूरे खुलासे का मामला बन सकता है.

चुनाव अधिकारियों ने इन आपत्तियों को स्वीकार करते हुए समीक्षा प्रक्रिया शुरू कर दी है. रिटर्निंग ऑफिसर एस. शिवानंधम ने सेंगोट्टैयन और उनकी कानूनी टीम को सभी जरूरी दस्तावेज और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं.

अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच के बाद ही नामांकन को स्वीकार या खारिज करने पर अंतिम फैसला लिया जाएगा.

इस घटनाक्रम के बाद गोबीचेट्टिपालयम सीट पर Political हलचल तेज हो गई है. जहां सेंगोट्टैयन का पक्ष इसे केवल प्रक्रियात्मक मुद्दा बता रहा है, वहीं विपक्षी दल पारदर्शिता और नियमों के सख्त पालन पर जोर दे रहे हैं.

अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि जांच के बाद चुनाव आयोग क्या फैसला लेता है, क्योंकि इसका सीधा असर इस सीट के चुनावी समीकरण पर पड़ सकता है.

डीएससी

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