
कोलकाता, 25 जुलाई . पश्चिम बंगाल Government के मंत्री दिलीप घोष ने Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और संसद के मौजूदा गतिरोध को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का मकसद संसद में चर्चा करना नहीं, बल्कि केवल हंगामा करना है.
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए दिलीप घोष ने कहा कि हाल के विरोध प्रदर्शनों के दौरान करीब 100 से Police अधिकारी घायल हुए, लेकिन राहुल गांधी ने उनके प्रति कोई चिंता नहीं दिखाई. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “क्या Policeकर्मी नागरिक नहीं हैं? अगर उनके समर्थक या गुंडे पिटते हैं, तभी उन्हें चिंता होती है. राहुल गांधी कुछ भी कर लें, लेकिन उनका वनवास समाप्त होने वाला नहीं है.”
सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने पर भी दिलीप घोष ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल की थी, जिसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री उनसे मिलने पहुंचे. जेपी नड्डा ने उन्हें जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया. महात्मा गांधी के समय से सत्याग्रह की परंपरा चली आ रही है और हम भी उसका सम्मान करते हैं. इसलिए हमारे सम्मानित मंत्री उनसे मिलने गए और बातचीत की.
दिलीप घोष ने देश में चल रहे प्रदर्शन को लेकर कहा, “हम जानते हैं कि ये लोग किससे प्रेरित हैं और किसके लिए काम कर रहे हैं. कुछ लोग राहुल गांधी जैसे नेता बन जाते हैं, तो कुछ टिकैत जैसे. किसी भी आंदोलन में वही लोग नेता बन जाते हैं और उनके नारे भी लगभग एक जैसे होते हैं.”
उन्होंने आगे दावा किया कि कई बार Pakistan, नेपाल और बांग्लादेश जैसे देशों से भी इसी तरह की आवाजें सुनाई देती हैं. इससे यह सवाल उठता है कि आखिर इन लोगों के संबंध कहां तक जुड़े हुए हैं.
संसद में जारी गतिरोध पर विपक्ष को घेरते हुए दिलीप घोष ने कहा कि Government लगातार विपक्ष से सदन में आकर चर्चा करने की अपील कर रही है, लेकिन विपक्ष चर्चा में रुचि नहीं दिखा रहा. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का उद्देश्य केवल सदन की कार्यवाही बाधित करना और हंगामा करना है, न कि किसी मुद्दे पर गंभीर बहस करना.
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वीकेयू/वीसी