नीतीश ने सत्ता को ठोकर मारकर सिद्धान्तों को सर्वोपरि रखा: जदयू

Patna, 15 अप्रैल . बिहार में Wednesday को भाजपा के नेता सम्राट चौधरी ने Chief Minister पद की शपथ ली. इससे पहले नीतीश कुमार ने Tuesday को Chief Minister पद से इस्तीफा कर दिया था. इधर, नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद जदयू ने कहा कि नीतीश कुमार ने सत्ता को ठोकर मारकर सिद्धान्तों को सर्वोपरि रखा.

जदयू के विधान पार्षद और मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने Wednesday को सोशल नेटवर्किंग साइट पर एक पोस्ट के जरिये नीतीश कुमार की जमकर तारीफ की है. उन्होंने एक्स पर ‘सवाल यह नहीं कि आपने क्या त्याग किया, सवाल यह है कि आपके इस त्याग की चर्चा कौन करे’ शीर्षक के जरिए नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए लिखा, “कोई एक दिन के लिए भी त्याग नहीं करता, लेकिन नीतीश कुमार ने Chief Minister की कुर्सी त्याग कर एक ऐसी मिसाल कायम की है, जो राजनीति के इतिहास में विरले ही देखने को मिलती हैं.”

उन्होंने आगे लिखा कि सत्ता को ठोकर मारकर सिद्धांतों को सर्वोपरि रखना हर किसी के बस की बात नहीं. यह साहस, यह चरित्र, यह त्याग- सिर्फ नीतीश कुमार जी जैसे नेता ही दिखा सकते हैं. जिस बिहार ने विभाजन का दंश झेला, जिसे कभी जंगलराज, भय, नरसंहार, जातीय उन्माद और कुशासन की पहचान बना दिया गया- उसी बिहार को फिर से खड़ा करने का संकल्प किसी साधारण व्यक्ति का नहीं हो सकता.

उन्होंने कहा कि वो दौर – जब 118 नरसंहारों की गूंज थी, जब “चरवाहा विद्यालय” जैसे प्रयोगों ने शिक्षा का मजाक बना दिया था, जब समाज को जाति और धर्म के नाम पर बांटकर सत्ता की राजनीति की जाती थी, जब गरीब, दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों को जानबूझकर विकास से दूर रखा गया. जदयू नेता ने नीतीश Government की तारीफ करते हुए कहा कि ऐसे अंधकारमय समय में, नीतीश कुमार ने सिर्फ Government नहीं चलाई- उन्होंने व्यवस्था बदली, सोच बदली, समाज को नई दिशा दी. यह वही नेता हैं जिन्होंने केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की कैबिनेट में अपनी भूमिका निभाई और बिहार लौटकर विकास की नई परिभाषा गढ़ी.

उन्होंने कहा कि सांसद या विधायक बन जाना बड़ी उपलब्धि नहीं है- लेकिन सामाजिक जकड़नों को तोड़ना, भविष्य की पीढ़ियों के लिए रोडमैप बनाना और उसे जमीन पर उतारना, यह असाधारण व्यक्तित्व का व्यक्ति ही कर सकता है. 21 वर्षों की बिहार की राजनीति में कितने ही उतार-चढ़ाव आए लेकिन एक चीज कभी नहीं बदली- जनता के प्रति समर्पण और बिहार के विकास का अटूट संकल्प. और जब वक्त आया- तो कुर्सी से मोह नहीं, बल्कि जनता के प्रति समर्पण. जदयू के नेता नीरज कुमार ने आगे विश्वास जताते हुए कहा कि यही कारण है कि “सात निश्चय” केवल योजना नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य का विजन है.

आशा ही नहीं, यह बिहार की जनता की स्पष्ट अपेक्षा और दृढ़ मांग है कि नीतीश कुमार द्वारा तैयार किया गया विकास का रोडमैप- “सात निश्चय पार्ट-3”- बिना किसी छेड़छाड़ के, बिना किसी भटकाव के, लगातार और पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ता रहे. उन्होंने सवाल उठाने वालों को लेकर कहा कि आज जो लोग सवाल उठाते हैं, उन्हें इतिहास के आईने में खुद को देखना चाहिए- क्योंकि फर्क साफ है- एक तरफ सत्ता के लिए समाज को बांटने की राजनीति और दूसरी तरफ समाज को जोड़ने की कार्यनीति. आपका योगदान महान है, लेकिन आपका त्याग- उससे भी बड़ा है.

एमएनपी/एएस

Leave a Comment