
Mumbai , 28 दिसंबर . एआईएमआईएम नेता वारिस पठान के हिजाब वाली महिला महापौर बन सकती है, वाले बयान पर मंत्री नितेश राणे ने तीखी प्रतिक्रिया दी. राणे ने कहा कि वारिस पठान शायद यह भूल गए हैं कि वे किस देश और किस राज्य में रहते हैं.
उनका कहना है कि India एक हिंदू बहुल देश है और Maharashtra में ऐसी Government है जो हिंदुत्व की विचारधारा को मानती है और जिसे हिंदू समाज के समर्थन से चुना गया है. ऐसे में इस तरह के बयान देकर समाज में भ्रम या तनाव पैदा करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए.
नितेश राणे ने कहा कि अगर कोई नेता इस तरह के सपने देख रहा है, तो उसे पहले जमीनी हकीकत समझनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि Maharashtra, खासकर Mumbai , ऐसा शहर नहीं है, जहां समाज को बांटने वाली या उकसावे वाली राजनीति को आसानी से स्वीकार कर लिया जाए.
राणे ने कहा, “अगर किसी को इस तरह की सोच रखनी है, तो उसे यह भी सोचना चाहिए कि क्या वह इस राज्य की सामाजिक और सांस्कृतिक भावना का सम्मान कर रहा है या नहीं.”
उन्होंने आगे कहा कि दुनिया के अलग‑अलग हिस्सों में जहां‑जहां कट्टर सोच को राजनीति के जरिए आगे बढ़ाया गया, वहां सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा है.
राणे का कहना है कि ऐसी राजनीति से समाज में डर, अविश्वास और टकराव बढ़ता है और इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है. इसी वजह से, उनके अनुसार, Mumbai में किसी भी तरह की कट्टर या विभाजनकारी मानसिकता को पनपने नहीं दिया जाएगा.
मंत्री ने यह भी कहा कि हिंदू समाज कमजोर नहीं है और अपने अधिकारों व सम्मान की रक्षा करना जानता है. उन्होंने दावा किया कि समाज लोकतांत्रिक तरीके से, लेकिन मजबूती के साथ, ऐसे बयानों का जवाब देगा. राणे ने कहा कि यह संदेश साफ होना चाहिए कि Mumbai और Maharashtra में शांति, भाईचारा और कानून‑व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
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पीआईएम/एबीएम