
Patna, 28 अप्रैल . बिहार के पूर्व Chief Minister और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार तीन मई से प्रदेश की यात्रा पर निकल रहे हैं. उनकी यात्रा का नाम ‘सद्भाव यात्रा’ रखा गया है. अपने पिता की राह पर चलते हुए निशांत भी अपनी पहली यात्रा की शुरुआत चंपारण से करेंगे.
जदयू के बिहार प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने Tuesday को निशांत कुमार की यात्रा को लेकर जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह यात्रा चरणबद्ध रूप से प्रदेश के प्रत्येक जिले में पहुंचेगी. इस दौरान निशांत कुमार पार्टी के सर्वमान्य नेता और पूर्व Chief Minister नीतीश कुमार के नेतृत्व में हुए ऐतिहासिक विकास कार्यों, सुशासन, सामाजिक सद्भाव के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएंगे तथा प्रत्येक जिले में पंचायत स्तर तक के पार्टी कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित करेंगे.
उन्होंने दावा किया कि निशांत कुमार की इस यात्रा को लेकर पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के साथ-साथ बिहार की आम जनता में जबरदस्त उत्साह और जोश देखने को मिल रहा है. इस यात्रा के दौरान वे कार्यकर्ताओं की तरह ‘वन-टू-वन’ संवाद करेंगे. इस यात्रा में प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, विधायक दल के नेता श्रवण कुमार और कई वरिष्ठ नेता व स्थानीय विधायक शामिल रहेंगे.
जदयू का मानना है कि बिना किसी पद के निशांत का मैदान में उतरना पार्टी को और अधिक मजबूती और नई ऊर्जा प्रदान करेगा. उन्होंने कहा कि पहले चरण में तीन और चार मई को होगा, जिसमें वे बगहा और बेतिया का दौरा करेंगे. उसके बाद सात मई को वैशाली जिले में यात्रा का दूसरा चरण शुरू होगा. इसमें वे जिला से लेकर पंचायत स्तर तक के कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे.
उमेश कुशवाहा ने बताया कि इस यात्रा का नाम ‘सद्भाव यात्रा’ खुद निशांत कुमार ने ही चुना है. जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि निशांत कुमार के पार्टी में सक्रिय रूप से आने के बाद कार्यकर्ताओं में नया जोश और उत्साह आ गया है. अब यात्रा पर निकलकर वह हर कार्यकर्ता-नेता से मिलेंगे तो उनका उत्साह बढ़ेगा और संगठन मजबूत होगा.
राजनीति में आने के बाद निशांत कुमार की सोच यही है कि हमें संगठन को मजबूत करना है. पार्टी के कार्यकर्ताओं-नेताओं का मनोबल बढ़ाना है. इसके लिए वे सभी कार्यकर्ताओं से मिलकर उनसे सीधे संवाद करना जरूरी समझते हैं.
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एमएनपी/डीकेपी