
New Delhi, 31 दिसंबर . वर्ष 2025 के अंत में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ अपनी मजबूत कार्रवाई का दावा करते हुए एक प्रभावशाली प्रेस रिलीज जारी की है. एजेंसी ने इस साल 92 प्रतिशत से अधिक की दोषसिद्धि दर बनाए रखी, जो India की आतंकवाद विरोधी जांच क्षमता की मजबूती को दर्शाती है.
प्रमुख उपलब्धियों में 26/11 Mumbai हमलों के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा का अमेरिका से प्रत्यर्पण, पहलगाम और दिल्ली लाल किला आतंकी हमलों की सफल जांच, और कई फरार आतंकवादियों की गिरफ्तारी शामिल हैं.
एनआईए ने अप्रैल 2025 में तहव्वुर राणा को 2008 के Mumbai हमलों (166 मृत्यु) की साजिश के लिए India लाकर न्याय का सामना कराने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की. इसी तरह, गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई (लॉरेंस बिश्नोई का भाई) को अमेरिका से वापस लाया गया, जो दिल्ली और अन्य शहरों में आतंकी गतिविधियों से जुड़े मामलों में आरोपी था.
पहलगाम आतंकी हमले की जांच में एनआईए ने लश्कर-ए-तैयबा और उसके सहयोगी द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) को आतंकी संगठन घोषित करते हुए सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की. इसमें तीन आतंकवादी भी शामिल थे, जो धर्म आधारित हत्याओं के बाद सुरक्षा बलों द्वारा मार गिराए गए थे. दिल्ली के लाल किला इलाके में कार ब्लास्ट (11 मृत्यु) मामले में दो महीने से भी कम समय में नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.
वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) के खिलाफ एनआईए ने नौ जांचें कीं और 34 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की. केंद्र Government के 31 मार्च 2026 तक India को नक्सल मुक्त बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए एजेंसी राज्य Police और सीआरपीएफ के साथ समन्वय में सक्रिय है. इस साल कुल 55 मामलों में 276 गिरफ्तारियां हुईं, जिनमें जिहादी मामलों में 67, एलडब्ल्यूई में 74, एनईआई में 37, खालिस्तान में 28, गैंगस्टर में 11 और अन्य में 59 आरोपी शामिल हैं. एनआईए ने 66 दोषसिद्धियां हासिल कीं, 320 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की और 12 संपत्तियां/परिसंपत्तियां जब्त कीं.
देशव्यापी तलाशी अभियानों में 200 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिसमें गोल्डी बराड़ जैसे खालिस्तानी आतंकवादियों से जुड़े मामले शामिल हैं. एनआईए ने मानव तस्करी नेटवर्क, ‘डंकी’ मार्ग, बांग्लादेशी-म्यांमार नागरिकों की तस्करी और गोल्डन ट्रायंगल क्षेत्र में साइबर गुलामी के मामलों पर भी कड़ी कार्रवाई की.
–
एससीएच