
नई दिल्ली, 11 जून . डिजिटल वित्तीय संपर्क और पड़ोसी देशों के साथ सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में India और नेपाल ने आधिकारिक तौर पर व्यक्ति-से-व्यक्ति (पी2पी) सीमा-पार धन प्रेषण तंत्र का शुभारंभ किया.
यह नव-संचालित प्रणाली India के एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) और नेपाल के राष्ट्रीय भुगतान इंटरफेस (एनपीआई) के बीच एक सीधा संबंध स्थापित करती है. यह एकीकरण दोनों देशों के नागरिकों को मोबाइल बैंकिंग अनुप्रयोगों और डिजिटल वॉलेट के माध्यम से निर्बाध, वास्तविक समय और सुरक्षित रूप से तत्काल धन हस्तांतरण करने में सक्षम बनाता है.
यूपीआई-एनपीआई जुड़ाव वित्तीय समावेशन में एक बड़ी प्रगति को दर्शाता है, जो India और नेपाल के बीच मजबूत आर्थिक और डिजिटल संबंधों को बढ़ावा देता है. यह सुलभ, सुरक्षित और किफायती सीमा पार भुगतानों के क्षेत्रीय लक्ष्यों के साथ पूरी तरह मेल खाता है, जिससे दीर्घकालिक सामाजिक और आर्थिक संबंध मजबूत होते हैं.
यह तकनीकी एकीकरण नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की अंतरराष्ट्रीय शाखा-एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (एनआईपीएल) और नेपाल क्लियरिंग हाउस लिमिटेड (एनसीएचएल) के बीच सहयोग के माध्यम से निष्पादित किया गया.
यह डिजिटल भुगतान गलियारा दोनों देशों के बीच लेन-देन की प्रणाली में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाएगा. यात्रियों को मुद्रा विनिमय की जटिलताओं, बड़ी मात्रा में नकदी साथ रखने की आवश्यकता तथा अपरिचित विदेशी विनिमय शुल्कों से मुक्ति मिलेगी. स्थानीय व्यापारियों के लिए आर्थिक लाभ मिलेगा. नेपाल के व्यवसायों को बड़ी संख्या में प्रौद्योगिकी-सक्षम भारतीय पर्यटकों और ग्राहकों तक सीधी पहुंच प्राप्त होगी, जिससे लेनदेन की मात्रा बढ़ेगी.
इससे स्थानीय व्यापारियों को नकदी प्रबंधन में सुविधा होगी, नकदी संभालने से जुडे खर्च कम होंगे तथा सुरक्षित और वास्तविक समय में भुगतान निपटान संभव होगा. सीमा-पार नकदी ले जाने या पारंपरिक बैंकिंग माध्यमों पर निर्भर रहने की आवश्यकता कम होगी.
वर्तमान में यूपीआई नौ देशों- सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर, श्रीलंका और कंबोडिया- में स्वीकार किया जाता है. इन देशों में भारतीय यात्री अपने परिचित यूपीआई प्लेटफार्मों के माध्यम से आसानी से डिजिटल भुगतान कर सकते हैं.
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एएसएच/डीकेपी