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Sunday, 25 October 2026
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महिलाओं से जुड़े कंटेंट विवाद पर राष्ट्रीय महिला आयोग सख्त : प्रणीत मोरे, हिमांशु जांगड़ा और मधुर विरली को भेजा समन

महिलाओं से जुड़े कंटेंट विवाद पर राष्ट्रीय महिला आयोग सख्त : प्रणीत मोरे, हिमांशु जांगड़ा और मधुर विरली को भेजा समन

New Delhi, 22 जून . स्टैंड-अप कॉमेडी और social media कंटेंट को लेकर चल रहा विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. महिलाओं से जुड़े कथित आपत्तिजनक कंटेंट और टिप्पणियों के मामलों में राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने कमीडियन प्रणीत मोरे, हिमांशु जांगड़ा और मधुर विरली को समन जारी किया है.

आयोग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इन मामलों की सुनवाई Monday , 22 जून 2026 को शाम 4 बजे New Delhi स्थित राष्ट्रीय महिला आयोग के कार्यालय में होनी है. आयोग ने तीनों व्यक्तियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए कहा है.

यह विवाद अलग-अलग स्टैंड-अप शो और उनके वायरल वीडियो से जुड़ा है, जिनमें महिलाओं से संबंधित टिप्पणियों को लेकर लोगों ने आपत्ति जताई है.

कमीडियन प्रणीत मोरे से जुड़े विवाद की बात करें, तो उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने शो के दौरान स्थिति को उचित तरीके से नियंत्रित नहीं किया. वायरल वीडियो सामने आने के बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी. उन्होंने स्वीकार किया था कि उस समय उन्हें बेहतर निर्णय लेना चाहिए था, लेकिन वे माहौल के प्रभाव में आ गए और सही फैसला नहीं ले सके.

इसी विवाद से जुड़े एक अन्य व्यक्ति हिमांशु जांगड़ा हैं, जो प्रणीत मोरे के लाइव शो में दर्शक के रूप में मौजूद थे. इस दौरान उन्होंने अपने डेटिंग अनुभव का जिक्र करते हुए कहा था कि उन्होंने एक महिला के लिए करीब 370 रुपये चिकन बिरयानी पर खर्च किए थे. बाद में उनकी आगे की गई टिप्पणी को लेकर social media पर विवाद खड़ा हो गया.

जांगड़ा की इस टिप्पणी पर social media में भारी आलोचना हुई. विवाद बढ़ने के बाद स्टारविक डिजाइन कंपनी ने उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें नौकरी से निकाल दिया.

तीसरा नाम मधुर विरली का है, जिनके एक पुराने स्टैंड-अप वीडियो के वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हुआ था. इस वीडियो में मधुर विरली बलात्कार जैसे संवेदनशील विषय पर असंवेदनशील टिप्पणी करते नजर आए थे. उन्होंने अपराध के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा था कि अधिकांश मामलों में केवल बलात्कार होता है, जबकि कुछ मामलों में पीड़ित की हत्या कर दी जाती है. इसके पीछे का कारण बताते हुए उन्होंने बेहद आपत्तिजनक ढंग से तर्क दिया कि शायद कृत्य के तुरंत बाद पीड़िता द्वारा आरोपी को गले लगाने की बात कहने पर आरोपी चाकू मारकर उसकी हत्या कर देता होगा.

इन टिप्पणियों को लेकर social media पर लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी.

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पीके/एएस

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