
Mumbai , 18 अप्रैल . एनसीपी (एसपी) के वरिष्ठ नेता नसीम सिद्दीकी ने संसद में महिला आरक्षण बिल के गिरने पर भाजपा Government का घेराव किया. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर देश में भ्रम फैला रही है और लोगों को धोखा देने की कोशिश कर रही है.
Mumbai में सिद्दीकी ने समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए कहा कि जैसा कि हम सब जानते हैं, यह बिल पास नहीं हो सकता था. भाजपा देश में भ्रम पैदा कर रही है. महिला आरक्षण बिल 2023 में पास हुआ था और सभी पार्टियों ने इसका स्वागत किया था. 33 प्रतिशत महिला आरक्षण बिना किसी चर्चा के पास हो गया था, लेकिन इसमें स्पष्ट रूप से लिखा गया था कि इसे लागू करने के लिए पहले देश में जनगणना और परिसीमन (डिलिमिटेशन) होना जरूरी है.
उन्होंने कहा कि देश में जनगणना 2024 से शुरू हुई थी, जो अभी तक पूरी नहीं हुई है. अनुमान है कि जनगणना 2028 तक पूरी हो जाएगी. इसके बावजूद केंद्र Government महिला आरक्षण के नाम पर लोगों को धोखा देना चाहती थी और साथ ही नए परिसीमन के लिए नए प्रतिबंध लागू करना चाहती थी.
सिद्दीकी ने दावा किया कि 2011 के बाद कोई जनगणना नहीं हुई थी. अब जब नई जनगणना चल रही है तो Government को इतनी जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए थी. उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे भाजपा का छिपा हुआ एजेंडा है.
उन्होंने कहा कि यह महिला आरक्षण का मामला नहीं है, बल्कि महिलाओं को बांधने, उन्हें गुलाम बनाने और उनकी शक्ति को सीमित करने का मामला है.
उन्होंने कहा कि केंद्र Government इसके पीछे एक साजिश रच रही थी. इसमें महिलाओं के हितों का कोई सवाल ही नहीं था.
उन्होंने याद दिलाया कि देश में पहली बार शरद पवार ने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का काम किया था. भाजपा महिलाओं को गुमराह और कमजोर करने की कोशिश कर रही है. इसमें विपक्ष-विरोधी जैसी कोई बात नहीं है. हम देशभक्त हैं, हम भारतीय हैं, इसलिए भाजपा का यह दुष्प्रचार काम नहीं करेगा.
भाजपा के विरोध प्रदर्शन पर सिद्दीकी ने कहा कि बिल पास न होने के बावजूद भाजपा पूरे देश में विरोध प्रदर्शन कर रही है, कांग्रेस और विपक्ष के खिलाफ शोर मचा रही है, और कल के दिन को ‘काला दिन’ बता रही है.
उन्होंने पूछा कि क्या यह सचमुच काला दिन था. यह भाजपा के लिए काला दिन हो सकता है, क्योंकि उनके बुरे दिन आने वाले हैं.
सिद्दीकी ने भाजपा पर सवाल उठाते हुए कहा कि 21 राज्यों में उनकी Government है. उन्होंने कितनी महिलाओं को Chief Minister बनाया. उनके मंत्रिमंडल में कितनी महिलाएं मंत्री हैं. उन्होंने कितनी महिलाओं को Governor बनाया. कितनी जगहों पर उन्हें टिकट दिया. सबसे पहले भाजपा को इन सवालों पर सोचना चाहिए कि क्या वे महिलाओं के हितैषी हैं या विरोध.
उन्होंने राहुल गांधी द्वारा सदन में उठाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और बालाकोट एयर स्ट्राइक के मुद्दे का भी जिक्र किया और कहा कि पुलवामा, पठानकोट और अन्य आतंकी हमलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
Maharashtra के सभी स्कूलों में मराठी पढ़ाना अनिवार्य करने पर उन्होंने कहा कि Maharashtra में विकल्प के तौर पर मराठी भाषा पढ़ाई जानी चाहिए, इसे अनिवार्य नहीं बनाया जाना चाहिए. इसके लिए न्यूनतम पासिंग मार्क्स रखे जा सकते हैं, लेकिन भाषा के नाम पर किसी प्रकार की सख्ती नहीं होनी चाहिए. Mumbai देश की आर्थिक राजधानी है और यह पूरे देश को जोड़ने का काम करती है.
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डीकेएम/डीकेपी