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Thursday, 22 October 2026
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मुंबई: बेस्ट कर्मचारियों का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी, सरकार से तत्काल वार्ता की मांग

Mumbai : बेस्ट कर्मचारियों का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी, Government से तत्काल वार्ता की मांग

Mumbai , 20 जून . बृहन्Mumbai इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) उपक्रम के कर्मचारियों, अधिकारियों और श्रमिकों का आंदोलन Saturday को दूसरे दिन भी जारी रहा. संयुक्त श्रमिक कृती समिति ने दावा किया कि 18 जून की मध्यरात्रि से शुरू हुए इस आंदोलन में सभी यूनियनों ने अपने झंडे-बैनर अलग रखकर एकजुटता दिखाई है और कर्मचारियों ने 100 प्रतिशत भागीदारी की है. समिति ने कहा कि यह आंदोलन बेस्ट उपक्रम के अस्तित्व और कर्मचारियों की लंबित मांगों के समाधान के लिए किया जा रहा है.

समिति ने आंदोलन से Mumbai वासियों को हो रही असुविधा के लिए खेद जताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल विरोध करना नहीं, बल्कि वर्षों से लंबित मांगों का स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है.

संयुक्त श्रमिक कृती समिति के अनुसार, 19 जून को Maharashtra के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक की पहल पर समिति के नेताओं के साथ सकारात्मक चर्चा हुई थी. बैठक में कर्मचारियों की ओर से कई प्रमुख मांगें रखी गईं.

इन मांगों में बेस्ट कर्मचारियों के मासिक वेतन, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण (लीव एन्कैशमेंट) और अन्य अंतिम भुगतान की जिम्मेदारी Mumbai महानगरपालिका द्वारा लेने या बेस्ट के बजट के विलय जैसे विकल्पों पर निर्णय, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित एवं भविष्य के बकाये का भुगतान, वर्ष 2016 से 2026 की वेतन समझौता अवधि के लिए अंतरिम वेतन वृद्धि और बकाया राशि का भुगतान, परिवहन विभाग के संविदा व मजदूरी आधारित कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन और अन्य सेवा सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल हैं.

इसके अलावा रिक्त पदों पर भर्ती, पदोन्नति, यात्रा भत्ता, प्रोत्साहन बोनस, शैक्षिक सहायता, कोविड भत्ता और अन्य कर्मचारी कल्याण संबंधी मांगें भी समिति ने Government के समक्ष रखीं.

कृती समिति का दावा है कि परिवहन मंत्री ने इन मांगों को न्यायसंगत बताते हुए Chief Minister और उपChief Minister से चर्चा कर आवश्यक निर्णय लेने का आश्वासन दिया था. हालांकि, समिति का आरोप है कि बेस्ट प्रशासन की ओर से जारी बैठक के कार्यवृत्त (मिनट्स) में इन सकारात्मक बिंदुओं और आश्वासनों का उल्लेख नहीं किया गया.

समिति ने आरोप लगाया कि संभवतः कुछ Political हस्तक्षेप या दबाव के कारण मंत्री द्वारा दिए गए सकारात्मक आश्वासनों को कार्यवृत्त से हटा दिया गया. ऐसे में कर्मचारियों को आंदोलन समाप्त करने के लिए मनाना संभव नहीं है.

संयुक्त श्रमिक कृती समिति ने कहा कि वर्ष 2019 से कर्मचारियों को केवल आश्वासन ही मिलते रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ. इसलिए कर्मचारी अब बेस्ट उपक्रम के अस्तित्व और उसकी वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए ठोस निर्णय की मांग कर रहे हैं.

समिति ने Chief Minister और उपChief Minister से अपील की है कि वे जल्द से जल्द, चाहे दिन हो या रात, कृती समिति के साथ बैठक बुलाकर कर्मचारियों की मांगों पर ठोस फैसला लें, ताकि बेस्ट उपक्रम के भविष्य और कर्मचारियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके.

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डीएससी

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