
रांची, 9 अगस्त . Jharkhand में प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलित छात्रों और राज्य Government के बीच Sunday को तीसरे दौर की वार्ता भी विफल हो गई. Government ने दावा किया कि छात्रों की ज्यादातर मांगें मान ली गई हैं. उन्हें आंदोलन वापस ले लेना चाहिए. दूसरी और छात्र जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा 2024 को रद्द करने और सभी विवादित परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने की मांग पर अड़े रहे.
मांगें पूरी न होने पर छात्रों ने आंदोलन जारी रखने और Monday (10 अगस्त) को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विधानसभा घेराव करने का ऐलान किया है. वार्ता विफल होने के बाद चार मंत्रियों के समूह ने Sunday रात सूचना भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर छात्रों के रुख पर अफसोस जताया. मंत्रियों के समूह का नेतृत्व कर रहे सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि Government ने छात्रों की अधिकांश प्रमुख मांगें मान ली हैं. इसके बावजूद छात्रों का आंदोलन जारी रखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.
उन्होंने छात्रों से हठधर्मिता छोड़कर आंदोलन वापस लेने और वार्ता के जरिए समाधान निकालने की अपील की. साथ ही उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों को समझाएं और उन्हें आंदोलन से दूर रखें.
मंत्री सुदिव्य कुमार ने बताया कि Government ने 14वीं जेपीएससी पीटी और सिविल सर्विसेज की बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने पर अपनी पूरी सहमति दे दी है. इसके अलावा, परीक्षाओं में हुए वित्तीय लेन-देन और वसूली के मामलों की सीआईडी जांच के साथ-साथ अब Enforcement Directorate से भी जांच कराने के लिए Government पत्र लिखेगी. विवादित एजेंसी टीडीपीएल द्वारा ली गई अन्य सभी परीक्षाओं की भी व्यापक जांच कराई जाएगी और सबूत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
सीजीएल परीक्षा को रद्द करने की मांग पर मंत्री ने स्थिति साफ की. उन्होंने कहा कि यह परीक्षा Supreme Court और हाई कोर्ट के दिशानिर्देशों के तहत पूरी हुई है, और इसके आधार पर नियुक्तियां हो चुकी हैं, इसलिए इसे रद्द करना Government के अधिकार क्षेत्र से बाहर है. Government ने इस मामले की जांच किसी सेवानिवृत्त जज की निगरानी में कराने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन छात्र इस पर भी तैयार नहीं हुए.
Government ने यह भी स्पष्ट किया कि वह परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए व्यापक स्तर पर कदम उठाएगी. इसमें छात्रों सहित सभी स्टेकहोल्डर्स के सुझाव शामिल किए जाएंगे. इसके लिए Government ने पोर्टल लॉन्च किया है. और इसके लिए एक नया पोर्टल भी लॉन्च होगा. सुदिव्य कुमार ने कहा कि दोषियों को सजा जरूर मिलेगी, लेकिन जब Government सारी जायज मांगें मान रही है, तब विधानसभा घेराव जैसे आंदोलन का रास्ता चुनना गलत है.
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एसएनसी/डीकेपी