
New Delhi, 25 जून . सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) ने ग्रासरूट्स रिसर्च एंड एडवोकेसी मूवमेंट (जीआरएएएम) के साथ एम्बार्क इंडिया डेवलपमेंट फेलोशिप प्रस्ताव के तहत दो फेलो की नियुक्ति के लिए एक स्टेटमेंट ऑफ इंटेंट (एसओआई) पर हस्ताक्षर किए हैं. यह जानकारी Thursday को एक आधिकारिक बयान में दी गई.
बयान में कहा गया है कि इस पहल का उद्देश्य फेलो के कौशल और विशेषज्ञता का उपयोग मंत्रालय के कार्यों में करना है, साथ ही उन्हें सार्वजनिक नीति और प्रशासन का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना भी है.
यह सहयोगी पहल मंत्रालय और जीआरएएएम के बीच एक ऐसा मंच तैयार करेगी, जहां शोध-आधारित और प्रेरित युवा सीधे मंत्रालय के साथ काम करेंगे.
इस कार्यक्रम के तहत फेलो चल रही या नई परियोजनाओं में सहयोग करेंगे, शोध के माध्यम से नवाचारपूर्ण समाधान विकसित करने में योगदान देंगे और विकास, क्षमता निर्माण तथा प्रशासन से जुड़ी महत्वपूर्ण चुनौतियों का समाधान खोजने में मदद करेंगे.
एम्बार्क इंडिया डेवलपमेंट फेलोशिप (ईआईडीएफ) एक राष्ट्रीय नेतृत्व और क्षमता निर्माण कार्यक्रम है, जिसे जीआरएएएम ने ‘विकसित India 2047’ के विजन के अनुरूप शुरू किया है.
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा पेशेवरों, शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं को सीधे Governmentी संस्थानों और विकास एजेंसियों से जोड़ना है, ताकि वे क्षमता निर्माण, प्रशासन और सार्वजनिक नीति से जुड़ी चुनौतियों पर काम कर सकें.
यह फेलोशिप कुल 18 महीनों की होगी, जिसमें 6 महीने की संस्थागत नियुक्ति (प्लेसमेंट) शामिल है.
इस दौरान प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों से मार्गदर्शन और जमीनी स्तर पर डेटा एवं नीति संबंधी शोध का अवसर मिलेगा. फेलो सार्वजनिक वित्त, आर्थिक विकास, जन स्वास्थ्य और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्य करेंगे.
फेलोशिप के तहत चयनित उम्मीदवारों को प्रति माह 65,000 रुपए तक का स्टाइपेंड मिलेगा.
इसके अलावा, उन्हें शोध-आधारित और प्रमाण-आधारित नीतिगत समाधान तैयार करने में भागीदारी का अवसर भी मिलेगा.
‘विकसित India 2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह कार्यक्रम प्रतिभागियों को विकास सिद्धांत, सार्वजनिक नीति और प्रशासनिक व्यवस्था की गहन समझ प्रदान करेगा.
इसके साथ ही उन्हें रणनीतिक मार्गदर्शन, फील्ड अनुभव और व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा.
फेलो वास्तविक विकास संबंधी चुनौतियों पर काम करते हुए शोध-आधारित समाधान तैयार करने का अनुभव हासिल करेंगे.
इस समझौते पर हस्ताक्षर समारोह में कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें एमओएसपीआई के महानिदेशक (डेटा गवर्नेस) पीआर मेश्राम, जीआरएएएम के कार्यकारी निदेशक बसवराजु आर. श्रेष्ठा और एमओएसपीआई के क्षमता विकास प्रभाग के प्रशिक्षण इकाई के निदेशक प्रसून वर्मा शामिल थे.
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डीबीपी