
कोलकाता, 6 जून . पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राज्य सचिव मोहम्मद अजमल सिद्दीकी ने अपने पद से इस्तीफा देने के बाद पार्टी नेतृत्व पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.
से बातचीत के दौरान अजमल सिद्दीकी ने कहा, “इस्तीफा देने के बाद मैं बहुत स्वतंत्र महसूस कर रहा हूं. अब मैं काफी हल्का और आराम महसूस कर रहा हूं.”
उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर अल्पसंख्यक समुदाय के हितों के लिए काम करने की कोई वास्तविक गुंजाइश नहीं है. उनके अनुसार, “यहां अल्पसंख्यकों के लिए कोई काम करने नहीं दिया जाता. उनके लिए कोई ठोस काम भी नहीं होता, सिर्फ लॉलीपॉप दिया जाता है. यही वजह है कि मैं इस पद पर नहीं रहना चाहता था.”
अजमल सिद्दीकी ने दावा किया कि पार्टी ने लोगों को डराने और उनका इस्तेमाल करने की राजनीति की है, हालांकि उन्होंने सीएम सुवेंदु अधिकारी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सुवेंदु अधिकारी सभी वर्गों को साथ लेकर चलेंगे.
उन्होंने कहा, “लोगों को धमकाया गया और उनका इस्तेमाल किया गया, लेकिन मुझे सुवेंदु अधिकारी से उम्मीद है कि वह हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों को साथ लेकर चलेंगे और बंगाल को सही दिशा में आगे बढ़ाएंगे.”
अजमल सिद्दीकी ने दावा किया कि वर्ष 2015-16 में उन पर टीएमसी में शामिल होने का दबाव बनाया गया था. उन्होंने कहा, “हम व्यवसाय कर रहे थे. अभिषेक बनर्जी की ओर से बिनॉय मिश्रा ने हमसे पैसे मांगे. हमने पैसे नहीं दिए तो हमारे खिलाफ झूठा मामला दर्ज कर दिया गया. इसके बाद हमें Supreme Court और हाईकोर्ट से जमानत लेनी पड़ी थी. हम अभिषेक बनर्जी के डर की वजह से पार्टी में शामिल हुए थे.”
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वीकेयू/वीसी