मीठी नदी घोटाला: ईओडब्ल्यू ने 7 हजार पन्नों की दूसरी चार्जशीट दाखिल की

Mumbai , 5 मार्च . Mumbai Police की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने Wednesday को एस्प्लेनेड कोर्ट (किला कोर्ट ) में मीठी नदी के कथित 65.5 करोड़ रुपए के गाद निकासी घोटाले के संबंध में 7,000 पन्नों की दूसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की. ​​चार्जशीट में गिरफ्तार दो आरोपियों महेश पुरोहित और सुनील उपाध्याय के नाम शामिल हैं और 39 गवाहों की गवाही है.

जांचकर्ताओं के अनुसार, दोनों आरोपियों पर किसानों के नाम पर डंपिंग ग्राउंड के लिए फर्जी समझौता ज्ञापन तैयार करने और भुगतान प्राप्त करने के लिए उन्हें असली दस्तावेजों के रूप में प्रस्तुत करने का आरोप है. दोनों को पिछले साल दिसंबर में ईओडब्ल्यू द्वारा गिरफ्तार किया गया था.

भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज First Information Report में आरोप लगाया गया है कि बीएमसी के तूफानी जल निकासी विभाग के अधिकारियों ने 2013 से 2023 के बीच ठेकेदारों और बिचौलियों के साथ मिलकर किसानों के नाम पर डंपिंग साइट्स के लिए जाली समझौता ज्ञापन प्रस्तुत करने की साजिश रची. इन फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल गाद निकासी भुगतान बिलों को मंजूरी देने के लिए किया गया था.

फर्जी वजन मापने की रसीदें और फर्जी लॉग शीट पिछले साल नवंबर (2025) में ईओडब्ल्यू ने एस्प्लेनेड कोर्ट में मेसर्स मेनदीप एंटरप्राइजेज के मालिक राठौर के खिलाफ लगभग 1,300 पन्नों की चार्जशीट दायर की थी. राठौर को अगस्त 2025 में गिरफ्तार किया गया था. मीठी नदी की गाद निकालने में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच जारी है.

मीठी नदी की गाद निकालने के लिए एक बड़ा प्रोजेक्ट तैयार किया गया था. इस पूरे प्रोजेक्ट में कई तरह की अनियमितता सामने आई है और बताया गया कि काम सिर्फ कागज में हुआ और नदी में कोई भी काम नहीं किया गया. गाद निकालने के नाम पर फर्जी बिल बनाकर भुगतान हुआ और जमकर लूट हुई. इस मामले में पहले Mumbai Police ने एसआईटी बनाई और इसके बाद Mumbai Police की इकनॉमिक ऑफेंसेस विंग ने मामले को अपने पास लिया.

ओपी/वीसी

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