मेघालय ने आईएलपी, खासी-गारो भाषाओं, छठी अनुसूची और एफसीआरए पर केंद्र से मांगा सहयोग

शिलांग, 4 जून . मेघालय के Chief Minister कॉनराड के. संगमा ने Thursday को कहा कि राज्य Government ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक ज्ञापन सौंपकर मेघालय से जुड़े चार महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं. गृह मंत्री शिलांग में आयोजित उत्तर पूर्वी परिषद का 73वां पूर्ण अधिवेशन में भाग लेने पहुंचे थे.

पत्रकारों से बातचीत में संगमा ने बताया कि ज्ञापन में अवैध प्रवासन पर रोक, संविधान की आठवीं अनुसूची में खासी और गारो भाषाओं को शामिल करने, छठी अनुसूची में प्रस्तावित संशोधनों तथा विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) में प्रस्तावित बदलावों से जुड़े मुद्दे उठाए गए हैं.

Chief Minister ने कहा कि राज्य Government ने मेघालय में अवैध घुसपैठ रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था की अपनी पुरानी मांग को दोहराया है. उन्होंने बताया कि केंद्र से आग्रह किया गया है कि बाहरी लोगों के प्रवेश को नियंत्रित करने और जनसांख्यिकीय चिंताओं को दूर करने के लिए इनर लाइन परमिट (आईएलपी) प्रणाली और मेघालय रेजिडेंट्स सेफ्टी एंड सिक्योरिटी एक्ट (एमआरएसएसए) जैसे संवैधानिक और कानूनी उपायों पर विचार किया जाए.

संगमा ने कहा, “हमने अवैध प्रवासन को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं और India Government से ऐसा प्रभावी तंत्र विकसित करने का अनुरोध किया है, जिससे राज्य में अवैध घुसपैठ पर निगरानी रखी जा सके.”

राज्य Government द्वारा उठाया गया दूसरा प्रमुख मुद्दा खासी और गारो भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने से संबंधित है. संगमा ने कहा कि यह मांग कई वर्षों से लंबित है और मेघालय विधानसभा भी इसके समर्थन में प्रस्ताव पारित कर चुकी है.

उन्होंने कहा कि इन दोनों स्वदेशी भाषाओं को संवैधानिक मान्यता मिलने से राज्य की समृद्ध भाषाई और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में मदद मिलेगी तथा इनके संरक्षण और संवर्धन के लिए संस्थागत सहयोग भी बढ़ेगा.

Chief Minister ने संविधान की छठी अनुसूची में संशोधन की आवश्यकता पर भी जोर दिया. यह अनुसूची पूर्वोत्तर के कई राज्यों में जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित है.

लंबित संशोधन विधेयक का उल्लेख करते हुए संगमा ने कहा कि केंद्र Government इस विषय पर राज्य Governmentों और स्वायत्त जिला परिषदों से विचार-विमर्श कर रही है. उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि किसी भी संशोधन से पहले सभी हितधारकों के साथ व्यापक चर्चा की जाए, ताकि पूर्वोत्तर के जनजातीय समुदायों के हितों की समुचित रक्षा सुनिश्चित हो सके.

चौथा मुद्दा एफसीआरए में प्रस्तावित संशोधनों से जुड़ा है. संगमा ने कहा कि कई संगठनों ने इन प्रस्तावित बदलावों के उनके कामकाज, संपत्तियों और चल रही गतिविधियों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर चिंता जताई है.

Chief Minister के अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य Government द्वारा उठाए गए मुद्दों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और विस्तृत चर्चा के लिए मेघालय के एक प्रतिनिधिमंडल को New Delhi आने का निमंत्रण दिया.

संगमा ने बताया कि गृह मंत्री ने राज्य Government से एफसीआरए में प्रस्तावित संशोधनों पर अपने सुझाव और सिफारिशें लिखित रूप में भेजने को कहा है, ताकि उन पर आगे विचार किया जा सके.

डीएससी

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