कांग्रेस-सपा के शासन में वक्फ संपत्तियों का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ: मौलाना इब्राहिम हुसैन

अलीगढ़, 7 जुलाई . उत्तर प्रदेश के शाही मुख्य मुफ्ती मौलाना चौधरी इब्राहिम हुसैन ने वक्फ संपत्तियों को लेकर Chief Minister योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान का समर्थन किया. साथ ही, उन्होंने Samajwadi Party और कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि पिछली Governmentों के दौरान वक्फ संपत्तियों का सही प्रबंधन नहीं हुआ, जिससे गरीब और जरूरतमंद मुसलमानों को मिलने वाले अधिकार प्रभावित हुए.

मौलाना चौधरी इब्राहिम हुसैन ने से बातचीत में कहा कि Chief Minister योगी आदित्यनाथ का यह कहना सही है कि वक्फ संपत्तियों को सबसे अधिक नुकसान पूर्ववर्ती Governmentों के समय हुआ. कांग्रेस और Samajwadi Party के शासनकाल में वक्फ की जमीनों और संपत्तियों के प्रबंधन में गंभीर अनियमितताएं हुईं और कुछ प्रभावशाली लोगों को इसका लाभ मिला. वक्फ संपत्तियों से मिलने वाली आय का उद्देश्य गरीब, जरूरतमंद, यतीम और समाज के कमजोर वर्गों की सहायता करना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका. वक्फ संपत्तियों पर कुछ कथित माफिया तत्वों का प्रभाव बढ़ गया, जिसके कारण बड़ी संख्या में पात्र लोगों को उनका अधिकार नहीं मिल पाया.

मौलाना ने दावा किया कि यदि वक्फ संपत्तियों का सही तरीके से प्रबंधन किया जाता तो उनसे प्रतिवर्ष लगभग 50 हजार करोड़ रुपए तक की आय हो सकती थी. इस राशि का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण और आर्थिक रूप से कमजोर मुसलमानों के उत्थान के लिए किया जा सकता था, लेकिन कथित कुप्रबंधन के कारण यह उद्देश्य पूरा नहीं हो सका. कांग्रेस और Samajwadi Party की नीतियों के कारण गरीब मुसलमानों के अधिकार कमजोर हुए और जिन लोगों तक वक्फ संपत्तियों का लाभ पहुंचना चाहिए था, वे आज भी उससे वंचित हैं.

अयोध्या के मुद्दे पर Samajwadi Party की बदलती Political रणनीति का उल्लेख करते हुए मौलाना इब्राहिम हुसैन ने कहा कि पार्टी पहले एक अलग रुख अपनाती थी और अब धार्मिक मुद्दों पर अलग तरह की बातें कर रही है. Samajwadi Party का रवैया दोहरा दिखाई देता है और वह समय-समय पर अपनी Political सुविधा के अनुसार अपना रुख बदलती रही है. यदि कोई Political दल वास्तव में धार्मिक मूल्यों की बात करता है, तो उसे इंसानियत, सेवा और गरीबों के अधिकारों की रक्षा के लिए काम करना चाहिए. धर्म का मूल उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों की सहायता करना और न्याय सुनिश्चित करना है, न कि केवल Political लाभ के लिए धार्मिक मुद्दों का इस्तेमाल करना.

मौलाना ने कांग्रेस और Samajwadi Party पर आरोप लगाया कि दोनों दलों ने मुसलमानों के वास्तविक मुद्दों, जैसे शिक्षा, रोजगार, सामाजिक विकास और आर्थिक सशक्तिकरण पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया. इन मुद्दों से ध्यान हटाकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया गया. अब जनता Political दलों की कार्यशैली को समझ चुकी है और केवल चुनावी वादों या धार्मिक बयानबाजी के आधार पर निर्णय नहीं लेगी. मतदाता विकास, सुशासन और वास्तविक जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देंगे.

पीएसके

Leave a Comment