
Mumbai , 16 अगस्त . भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता काफी अहम होने वाला है. अमेरिका-ईरान के बीच तनाव, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की चाल और आर्थिक आंकड़ों से बाजार का रुझान तय होगा.
अमेरिका-ईरान तनाव पर अपडेट इस हफ्ते बाजार के लिए काफी अहम होंगे. दोनों देशों के बीच हॉर्मुज खोलने को लेकर बातचीत चल रही है और इसके नतीजों का इंतजार निवेशक बेसब्री से कर रहे हैं.
हॉर्मुज स्ट्रेट के बंद रहने से कच्चे तेल की कीमतें उच्च स्तर पर बनी हुई हैं और ब्रेंट क्रूड 88 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 81 डॉलर प्रति बैरल के करीब बना हुआ है.
हॉर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल का निर्यात होता है.
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के इनफ्लो पर निवेशकों की निगाहें बनी हुई हैं.
इस महीने की शुरुआत से एफआईआई भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध विक्रेता बने हुए हैं. इस दौरान उन्होंने 4,115.93 करोड़ रुपए का इक्विटी में निवेश किया है.
इसके अलावा, घरेलू आर्थिक डेटा भी बाजार के लिए अहम होंगे. इस दौरान बेरोजगारी डेटा, आईआईपी, पीएमआई और विदेशी मुद्रा भंडार जैसे अहम डेटा जारी किए जाएंगे.
बीते हफ्ते भारतीय शेयर बाजार का प्रदर्शन कमजोर रहा. इस दौरान सेंसेक्स 489.92 अंक या 0.62 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 78,009.25 और निफ्टी 204.65 अंक या 0.83 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,366 पर था.
इस दौरन मिडकैप और स्मॉलकैप का प्रदर्शन भी मिलाजुला रहा. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 318.60 अंक या 0.50 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 129.25 अंक या 0.65 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ.
इस दौरान सूचकांकों में निफ्टी मेटल, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी ऑटो, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी इन्फ्रा लाल निशान में बंद हुए. निफ्टी मीडिया, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी रियल्टी लाल निशान में बंद हुए.
–
एबीएस