जापानी राजनीतिज्ञों के यासुकुनी मंदिर दर्शन पर चीनी रक्षा मंत्रालय का जवाब

बीजिंग, 16 अगस्त . चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता च्यांग पिन ने 15 अगस्त को जापानी राजनीतिज्ञों के यासुकुनी मंदिर के दर्शन पर सम्बंधित सवाल के जवाब में बताया कि यासुकुनी मंदिर जापानी सैन्यवाद द्वारा वैदेशिक आक्रमण छेड़ने का आध्यात्मिक उपकरण और प्रतीक है, जहां हाथों में एशिया व प्रशांत क्षेत्र के देशों की जनता के खून से लथपथ जापानी युद्ध अपराधियों की पूजा होती है.

जापानी राजनीतिज्ञों की संबंधित कार्रवाई ने खुलेआम ऐतिहासिक न्याय का अपमान किया है और शिकार देशों की जनता की भावना को गंभीर हानि पहुंचायी है, जिसका मर्म अतिक्रमण की जिम्मेदारी छिपाकर विश्व फासिस्ट विरोधी युद्ध विजय की उपलब्धियों और युद्धोत्तर अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को चुनौती देना है.

च्यांग पिन ने बताया कि अतिक्रमण इतिहास का सामना कर युद्ध अपराध का गहरा आत्म निरीक्षण करना जापान द्वारा एशियाई पड़ोसी देशों के साथ सम्बंध विकसित करने का आधार है. वर्तमान वर्ष टोक्यो ट्रायल की शुरुआत की 80वीं वर्षगांठ है. हम जापान से ऐतिहासिक सबक लेकर गलत कार्रवाई बंद करने का अनुरोध करते हैं. अगर जापान तथाकथित नयी किस्म वाला सैन्यवाद बढ़ाने पर अड़ा रहता है और क्षेत्रीय शांति को नुकसान पहुंचाने का स्रोत बनता है, तो उसे ज़रूर ही न्याय की सुनवाई का सामना करना पड़ेगा.

(साभार – चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

डीकेपी/

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