ममता बनर्जी 6 मार्च को कोलकाता में देंगी धरना, मतदाता सूची में हेरफेर का आरोप

कोलकाता, 1 मार्च . तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की Chief Minister ममता बनर्जी 6 मार्च को कोलकाता में धरना देंगी. यह धरना राज्य में एसआईआर (विशेष पुनरीक्षण) प्रक्रिया के बाद अंतिम मतदाता सूची से कथित तौर पर नाम हटाए जाने के विरोध में होगा.

पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने Sunday को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा की. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विधानसभा चुनाव नहीं जीत सकती, इसलिए वह चुनाव आयोग के माध्यम से मतदाता सूची में हेरफेर करने की कोशिश कर रही है.

उन्होंने कहा, “भाजपा नेताओं ने पहले ही एक करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाने का लक्ष्य तय कर लिया था. यह फैसला एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही कर लिया गया था. मनमाने ढंग से नाम हटाए जाने के खिलाफ Chief Minister ममता बनर्जी 6 मार्च को कोलकाता में धरना देंगी.”

अभिषेक बनर्जी ने बताया कि यह धरना मध्य कोलकाता के एस्प्लेनेड इलाके में होगा, जहां ममता बनर्जी ने वर्ष 2008 में 26 दिन का अनशन किया था.

उन्होंने चुनाव आयोग से सवाल किया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान चिन्हित किए गए बांग्लादेशी और रोहिंग्या लोगों की सूची सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही है. उनके अनुसार, यह मुद्दा भाजपा द्वारा गढ़ा गया है.

अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में नामों को हटाया जाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि मतदाता सूची संशोधन के नाम पर आम लोगों के मतदान अधिकारों को सीमित किया जा रहा है.

उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी. एसआईआर प्रक्रिया के कारण बंगाल में कई लोगों की मौत हो चुकी है. तार्किक विसंगतियों के नाम पर चुनाव आयोग ने केवल भाजपा के निर्देशों का पालन किया है, जिसका उद्देश्य एक करोड़ से अधिक नाम हटाना है.”

अभिषेक बनर्जी के मुताबिक, 6 मार्च को राज्य भर से पार्टी नेता और कार्यकर्ता कोलकाता पहुंचेंगे और Chief Minister ममता बनर्जी के साथ धरने में शामिल होकर अपना समर्थन जताएंगे.

डीएससी

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