ममता बनर्जी ने भाजपा पर साधा निशाना, बोलीं-छात्रों की आवाज उठाना अराजकता नहीं

कोलकाता, 24 अप्रैल . बंगाल की Chief Minister ममता बनर्जी ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए भाजपा पर निशाना साधा है.

ममता बनर्जी ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा कि आदरणीय Prime Minister जी, बड़े दुख के साथ पूछना पड़ रहा है क्या प्रतिष्ठित जाधवपुर विश्वविद्यालय के मेधावी छात्रों का वर्णन करने का आपका यही तरीका है? क्या शालीनता और शिष्टाचार को लेकर आपकी यही सोच है? जाधवपुर विश्वविद्यालय को आपकी Government के एनआईआरएफ रैंकिंग फ्रेमवर्क में साल-दर-साल शीर्ष स्थान मिलते रहे हैं और आप उसी ‘उत्कृष्टता के केंद्र’ का अपमान करने पर उतर आए हैं? आप इतना नीचे गिर गए हैं?

ममता बनर्जी ने लिखा कि जाधवपुर विश्वविद्यालय के छात्रों ने अपनी जगह अपनी योग्यता के बल पर बनाई है. वे यहां से डिग्रियां लेकर निकलते हैं, साथ में लेकर निकलते हैं अपनी बौद्धिक क्षमता और सवाल पूछने की हिम्मत. यह अराजकता नहीं है. यह शिक्षा है और यही उत्कृष्टता है.

उन्होंने लिखा कि अराजकता छात्रों का अपनी आवाज उठाना नहीं है. अराजकता तो न्याय के बजाय सत्ता के औजार के रूप में बुलडोजरों का इस्तेमाल करना है. सीएम ने लिखा कि अराजकता तब होती है, जब किसान मरते हैं और उनकी आवाज को कुचल दिया जाता है. अराजकता तब होती है, जब दुष्कर्म और अन्य जघन्य अपराधों के दोषी लोग Political स्वार्थ के चलते आजाद घूमते हैं.

ममता बनर्जी ने लिखा कि अराजकता गरीबों को उनके हक से वंचित करना है. अराजकता वोटों की खातिर देश को धार्मिक आधार पर बांटना है. अराजकता प्रेस का सामना करने से इनकार करना, जवाबदेही से बचना और सवालों से मुंह मोड़ना है. अराजकता इस सच्चाई को मानने से इनकार करना है कि मणिपुर जल रहा है और आप चुनावों में व्यस्त हैं.

सीएम ममता ने लिखा कि छात्रों का विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र का टूटना नहीं है, बल्कि यह तो जीवंत लोकतंत्र की निशानी है. कृपया उस शैक्षणिक संस्थान को बदनाम न करें, जिसे हमारे शुरुआती राष्ट्रवादियों (जिनमें श्री अरबिंदो जैसे अग्रदूत भी शामिल थे) से प्रेरणा मिली थी. कृपया बंगाल को बदनाम न करें.

एसडी/वीसी

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