
New Delhi, 30 अप्रैल . राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मणिपुर में 2023 में एक एसडीपीओ की हत्या के मामले में Thursday को मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.
गिरफ्तार आरोपी की पहचान ओथांग बैते के रूप में हुई है. वह तेंगनौपाल जिले के मोरेह का रहने वाला है. उस पर संदेह है कि वह कथित कुकी उग्रवादी समूह के सदस्यों द्वारा किए गए हमले की साजिश में शामिल था.
एनआईए सूत्रों के मुताबिक, यह हमला एक खेल मैदान में मौजूद जिला Police टीम को निशाना बनाकर किया गया था.
31 अक्टूबर 2023 को राज्य में जातीय हिंसा के चरम के दौरान उग्रवादियों ने Police टीम पर गोलीबारी की थी.
इस हमले में मोरेह के एसडीपीओ चिंगथम आनंद कुमार सिंह के पेट में गोली लगी थी. बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी.
यह मामला पहले मोरेह थाने में दर्ज किया गया था, लेकिन मार्च 2024 में एनआईए ने इसकी जांच अपने हाथ में ले ली थी.
जांच के दौरान एनआईए को पता चला कि इस हमले की साजिश मणिपुर में आतंक फैलाने के मकसद से रची गई थी.
इसी महीने एनआईए ने इस मामले में एक अन्य आरोपी कमगिनथांग गांगटे को भी गिरफ्तार किया था. फिलहाल, इस मामले की जांच जारी है.
इस बीच, मणिपुर के पूर्व Chief Minister एन बीरेन सिंह पहले ही कह चुके हैं कि एसडीपीओ की हत्या के मामले में अब तक कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें एक म्यांमार नागरिक भी शामिल है.
इस मामले में विदेशी नागरिक की संलिप्तता सामने आने के बाद ही एनआईए ने जांच में दखल दिया था. एजेंसी का मानना है कि इस हमले में बाहरी तत्वों की भूमिका भी रही है.
घटना के बाद जब शहीद Police अधिकारी का शव इंफाल लाया गया था, तब मणिपुर के घाटी जिलों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे.
इस बीच, एनआईए ने 18 मार्च को मणिपुर में पिछले साल असम राइफल्स के ट्रक पर हुए हमले के मामले में प्रतिबंधित पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के तीन उग्रवादियों के खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल किया था. इस हमले में अर्धसैनिक बल के दो जवान मारे गए थे.
एनआईए ने इंफाल स्थित विशेष अदालत में जो चार्जशीट दाखिल की है, उसमें भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से रोकथाम अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धाराएं लगाई गई हैं.
इस मामले में आरोपियों की पहचान थोंग्राम सदानंद सिंह उर्फ नगाचिक उर्फ पुरकपा, खुंडोंगबाम ओजी मैतेई उर्फ केइलाल और इरेंगबाम जुगिंद्र मैतेई उर्फ जुगिन मैतेई के रूप में हुई है. ये सभी मणिपुर के रहने वाले हैं और पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं.
असम राइफल्स की 33वीं बटालियन के ट्रक पर यह हमला 19 सितंबर 2025 को बिष्णुपुर जिले के नामबोल सबल लेकाई इलाके में हुआ था.
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एएमटी/डीकेपी