
New Delhi, 4 मई . गर्मियों के मौसम में शरीर को ठंडक देने और पाचन को ठीक रखने के लिए देसी पेय बहुत काम आते हैं. इन्हीं में से एक है राई की कांजी, जो न सिर्फ स्वाद में अच्छी होती है बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद मानी जाती है. यह एक पारंपरिक फर्मेंटेड ड्रिंक है, जिसे खासतौर पर गर्मियों के समय में ही बनाया जाता है.
कांजी को प्रोबायोटिक ड्रिंक भी कहा जाता है क्योंकि इसमें वो बैक्टीरिया बनते हैं, जो हमारे पेट (गट हेल्थ) के लिए बहुत जरूरी होते हैं. यह पाचन को मजबूत करती है, कब्ज की समस्या को दूर करती है और शरीर को हल्का और ताजगी भरा महसूस कराती है. इसलिए गर्मियों में इसे जरूर पीने की सलाह दी जाती है.
राई की कांजी बनाने के लिए सबसे पहले 1 लीटर पानी लें. इसे हल्का उबालकर ठंडा कर लें ताकि उसमें कोई गंदगी न रहे. अब एक मिक्सी में 1 चम्मच राई, 1 चम्मच नमक और 1 चम्मच हल्दी पाउडर डालकर हल्का पीस लें. इसे एक बर्तन में निकाल लें और उसमें 1 छोटा चम्मच दही मिला दें. दही डालने से फर्मेंटेशन जल्दी और अच्छे तरीके से होता है.
अब जिस डब्बे या जार में कांजी बनानी है, उसे अच्छी तरह साफ कर लें. इसके अंदर मसाला चारों तरफ फैला दें. इसके बाद एक कटोरी में जलता हुआ कोयला रखें, उस पर थोड़ा सा घी और एक चुटकी हींग डालें. अब इस कटोरी को जार के अंदर कुछ मिनट तक कैद रहने दें, फिर जार को हटा लें. इससे कांजी में एक अलग स्वाद और खुशबू आ जाती है.
अब इसमें ठंडा किया हुआ पानी डालें और तैयार किए गए मसाले को अच्छे से मिला दें. इसके बाद जार का ढक्कन बंद करके इसे 3 से 4 दिन के लिए किसी गर्म जगह पर रख दें ताकि यह अच्छे से फर्मेंट हो सके.
हर दिन एक बार इसे हिला देना बहुत जरूरी है, ताकि फर्मेंटेशन बराबर हो. 3–4 दिन बाद आपकी कांजी तैयार हो जाती है. इसका रंग हल्का सा बदल जाता है और स्वाद में हल्की खटास आ जाती है, जो इसे और भी मजेदार बना देती है.
राई की कांजी न सिर्फ शरीर को ठंडक देती है, बल्कि गर्मियों में लू से बचाव में भी मदद करती है. यह इम्युनिटी को मजबूत करती है और पेट की कई समस्याओं को दूर रखती है. इसे आप दिन में कभी भी पी सकते हैं.
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पीआईएम/एएस