महाराष्ट्र में यूसीसी की कवायद को महायुति का समर्थन, नितेश राणे बोले- संविधान के अनुसार होगा काम

Mumbai , 9 जुलाई . Maharashtra Government द्वारा राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) का मसौदा तैयार करने के लिए सात सदस्यीय समिति गठित किए जाने के बाद महायुति Government के नेताओं ने इस पहल का स्वागत किया है. Maharashtra के मंत्री नितेश राणे और शिवसेना विधायक अब्दुल सत्तार ने कहा कि राज्य Government संविधान की भावना के अनुरूप आगे बढ़ रही है और सभी निर्णय संवैधानिक दायरे में ही लिए जाएंगे. इस दौपान, अब्दुल सत्तार ने एकनाथ शिंदे और शरद पवार की हालिया मुलाकात को लेकर चल रही सियासी अटकलों को भी खारिज किया.

Maharashtra Government के मंत्री नितेश राणे ने कहा कि भारतीय संविधान के नीति-निर्देशक तत्वों के अनुच्छेद 44 में समान नागरिक संहिता लागू करने का उल्लेख है और महायुति Government उसी संवैधानिक दिशा में आगे बढ़ रही है. डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान के अनुसार ही देश चलेगा और इसी आधार पर Government निर्णय ले रही है. संविधान सर्वोपरि है और देश में सभी कानून उसी के अनुरूप लागू होने चाहिए. जो लोग India में शरिया कानून लागू करने की बात करते हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि India में केवल संविधान का शासन चलेगा. महायुति Government की यह पहल संविधान और उसकी मूल भावना के अनुरूप है.

वहीं, शिवसेना विधायक अब्दुल सत्तार ने भी सात सदस्यीय समिति के गठन का स्वागत करते हुए कहा कि देश का संचालन संविधान की चौखट में रहकर ही होना चाहिए. उन्होंने कहा कि कानून बनाते समय यह भी ध्यान रखना चाहिए कि किसी भी निर्णय से धार्मिक भावनाएं प्रभावित न हों और यदि कोई विषय Political दृष्टि से आगे बढ़ाया जा रहा हो तो उस पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए. डॉ. आंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान की मर्यादा में रहकर ही कोई भी निर्णय लिया जाना चाहिए.

Maharashtra में मिसिंग लिंक परियोजना को लेकर उठे विवाद पर भी अब्दुल सत्तार ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि Chief Minister ने विधानसभा में परियोजना से जुड़े तथ्यों को विस्तार से रखा और स्पष्ट किया कि पूर्व Government के समय जिन फाइलों पर विस्तृत टिप्पणियां की गई थीं, बाद में उन्हीं परियोजनाओं को मंजूरी भी दी गई. उन्होंने कहा कि यह देश की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में से एक है और कुछ तकनीकी कारणों से हुई घटना को विपक्ष ने Political मुद्दा बनाने का प्रयास किया. Chief Minister ने सदन और पूरे राज्य के सामने वास्तविक स्थिति स्पष्ट कर दी है.

उपChief Minister एकनाथ शिंदे और शरद पवार की हालिया मुलाकात को लेकर नई Political संभावनाओं के सवाल पर अब्दुल सत्तार ने कहा कि इस मुलाकात को Political गठबंधन से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए. शरद पवार एक बैठक के सिलसिले में आए थे और उसी दौरान उन्होंने शिष्टाचार भेंट के तौर पर एकनाथ शिंदे से मुलाकात की. दोनों वरिष्ठ नेता हैं और राज्यहित के विभिन्न मुद्दों पर उनकी बातचीत होना स्वाभाविक है. जब उनसे यह पूछा गया कि अक्सर कहा जाता है कि शरद पवार और एकनाथ शिंदे की Political रणनीति का अनुमान उनके करीबी लोगों को भी नहीं होता, तब सत्तार ने हल्के अंदाज में कहा कि यदि उनके साथ रहने वालों को भी पता नहीं चलता तो उन्हें कैसे पता चल सकता है. उन्होंने कहा कि दोनों अनुभवी नेता हैं और उनकी बातचीत निजी, Political, राज्यहित या राष्ट्रीय हित से जुड़ी किसी भी विषय पर हो सकती है.

एनडीए में शरद पवार के शामिल होने की अटकलों पर अब्दुल सत्तार ने कहा कि ऐसे किसी निर्णय पर टिप्पणी करना वरिष्ठ नेताओं का अधिकार है और कार्यकर्ता के रूप में वह इस पर कुछ नहीं कहना चाहते.

Madhya Pradesh वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्य को शामिल किए जाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक संस्था में विभिन्न समाजों और समुदायों के लोगों की भागीदारी अपने आप में गलत नहीं है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वक्फ बोर्ड की स्थापना का मूल उद्देश्य वक्फ की गई संपत्तियों और जमीनों का उनके निर्धारित उद्देश्यों के अनुसार प्रबंधन करना था. वर्तमान में Governmentें किस प्रकार के निर्णय ले रही हैं और उनके पीछे क्या नीति है, इसका आकलन जनता स्वयं कर सकती है.

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पीएसके

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