
Mumbai , 25 मई . Maharashtra के उपChief Minister एकनाथ शिंदे ने Sunday को सिद्धिविनायक मंदिर कॉरिडोर परियोजना के पहले चरण के भूमि पूजन कार्यक्रम में हिस्सा लिया. उन्होंने कहा कि यह मंदिर देश की आस्था का केंद्र है. कॉरिडोर बनने से श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी.
इस अवसर पर उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सिद्धिविनायक मंदिर Mumbai ही नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था का बड़ा केंद्र है और यहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं.
उन्होंने बताया कि करीब सवा दो सौ वर्ष पुराने इस मंदिर की नींव वर्ष 1801 में रखी गई थी और अब श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मंदिर कॉरिडोर परियोजना शुरू की गई है. उन्होंने कहा कि यह परियोजना अगले दो वर्षों में पूरी कर ली जाएगी.
एकनाथ शिंदे ने कहा कि इस परियोजना का उद्घाटन Maharashtra के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में हुआ और इसके लिए उन्होंने सिद्धिविनायक ट्रस्ट के सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में देश में धार्मिक स्थलों के विकास और पुनर्निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर और उज्जैन में महाकाल मंदिर कॉरिडोर का निर्माण इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. शिंदे ने कहा कि मंदिरों का निर्माण और पुनर्निर्माण केवल विकास कार्य नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक जिम्मेदारी भी है.
वहीं, सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी ने बताया कि मंदिर के सौंदर्यीकरण और कॉरिडोर परियोजना का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है. उन्होंने कहा कि कॉरिडोर निर्माण के बाद भक्तों को दर्शन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा. परियोजना के तहत आधुनिक पार्किंग सुविधा, बेहतर कतार प्रबंधन और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की जाएगी.
आचार्य पवन त्रिपाठी ने कहा कि मंदिर परिसर में ऐसा कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जहां श्रद्धालुओं को गर्मी, धूप या बारिश से राहत मिल सके. उन्होंने कहा कि बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए सुविधाओं का विस्तार बेहद आवश्यक हो गया था. ट्रस्ट का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव के साथ-साथ आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध हों, जिससे उनका दर्शन अनुभव अधिक सहज और सुगम बन सके.
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एएसएच/डीकेपी