मद्रास हाईकोर्ट ने पूछताछ के बाद उदयनिधि स्टालिन को रिहा करने का दिया आदेश

चेन्नई, 4 अगस्त ( ). मद्रास हाईकोर्ट ने Tuesday को नेता प्रतिपक्ष और द्रविड मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के यूथ विंग सेक्रेटरी उदयनिधि स्टालिन को रिहा करने का आदेश दिया. उन्हें Chief Minister सी. जोसेफ विजय के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी मामले में पूछताछ के बाद रिहा करने का आदेश दिया गया है.

मद्रास हाईकोर्ट ने कहा कि उदयनिधि स्टालिन को पूछताछ के बाद Tuesday को रिहा कर दिया गया.

वहीं, कोर्ट ने Police से कहा कि Wednesday तक पूछताछ जारी नहीं रखें और डीएमके नेता से भी जांच में सहयोग करने को कहा गया.

इस मामले की शुरुआत तब हुई थी, जब उदयनिधि स्टालिन ने पन्गल इमारत के सामने Monday को मेकेदातु डेम विवाद मामले में प्रदर्शन का नेतृत्व किया था. इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कावेरी जल मुद्दे को लेकर केंद्र और राज्य Government की आलोचना की गई थी. साथ ही, यह भी मांग की गई थी कि डेल्टा जिले को सुखाग्रस्त घोषित किया जाए.

इस बीच, अपने संबोधन के दौरान उदयनिधि ने Chief Minister विजय पर अमर्यादित टिप्पणी कर दी थी , जिसकी सत्ता पक्ष के नेताओं और मंत्रियों ने आलोचना की थी.

इस संबोधन के बाद भैरवी ने Police थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. भैरवी टीवीके की महिला शाखा की पदाधिकारी भी हैं.

इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए तंजावुर Police ने उदयनिधि के खिलाफ 9 प्रावधानों के तहत केस दर्ज कर लिया. इसके बाद Police चेन्नई स्थित नीलांकरई निवास पर Tuesday सुबह पहुंची और उन्हें गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद उसे तंजावुर Police द्वारा ले जाया गया. कार्रवाई के दौरान पूर्व मंत्री पी.के. सेकर बाबू और एम.ए. सुब्रमण्यन भी साथ थे.

इससे पहले, डीएमके ने मद्रास हाईकोर्ट पहुंचकर उदयनिधि को गिरफ्तारी से तत्काल राहत पहुंचाने की मांग की थी. जब इस मामले को कोर्ट के सामने उठाया गया, तो न्यायाधीश ने कहा कि इस मामले को दोपहर के बाद ही उठाया जाएगा. वहीं, लोक अभियोजक से कहा कि वो Police को सूचित करें कि दोपहर तक कोई कार्रवाई नहीं की जाए. हालांकि, उदयनिधि को याचिका के सूचीबद्ध होने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था.

उदयनिधि की गिरफ्तारी की वजह से डीएमके के कार्यकर्ताओं ने पूरे तमिलनाडु में विरोध प्रदर्शन किया और कई जगहों पर सड़कें भी जाम कीं.

जब उदयनिधि का मामला कोर्ट के समक्ष पहुंचा, तो कोर्ट ने तंजावुर Police को आदेश दिया कि पूछताछ Tuesday को ही पूरी करके उन्हें उसी दिन रिहा कर दिया जाए.

इसके अलावा, कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि Wednesday को कोई भी पूछताछ नहीं की जाए. उदयनिधि को भी कहा गया है कि वो पूछताछ में पूरा सहयोग करें.

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एसएचके/पीएम

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