मध्य प्रदेश: अलीराजपुर की सीईओ ने भाजपा नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई, कार्रवाई की मांग

अलीराजपुर, 23 अप्रैल . Madhya Pradesh में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. अलीराजपुर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) प्रिया काग ने Thursday को जिला पंचायत अध्यक्ष के पति इंदर सिंह चौहान के खिलाफ First Information Report दर्ज कराई है. उन्होंने चौहान पर एक Governmentी दफ्तर के अंदर उन्हें धमकाने और उन पर हमला करने की कोशिश करने का आरोप लगाया.

Wednesday देर रात दर्ज First Information Report के अनुसार, यह घटना ‘Chief Minister कन्या विवाह योजना’ के तहत आवेदनों को रद्द किए जाने को लेकर हुए विवाद से जुड़ी है. अपनी शिकायत में काग ने बताया कि Governmentी दिशा-निर्देशों के अनुसार जांच-पड़ताल के बाद कुछ आवेदनों को रद्द कर दिया गया था. इन दिशा-निर्देशों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि केवल पात्र और अविवाहित लाभार्थी ही इस योजना का लाभ उठा सकते हैं.

वेरिफिकेशन के दौरान, पता चला कि कुछ एप्लिकेंट पहले से शादीशुदा थे और कुछ मामलों में, उन्होंने अपने शादी के इनविटेशन कार्ड की कॉपी भी अटैच की थी, जिससे उनकी इनएलिजिबलिटी कन्फर्म हो गई. मामला तब और बढ़ गया जब चौहान ने कथित तौर पर इन कैंसलेशन को लेकर डिस्ट्रिक्ट ऑफिस में काग से बहस की.

शिकायत के मुताबिक, एप्लीकेशन रिजेक्ट होने पर सवाल उठाते हुए और एडमिनिस्ट्रेशन की कार्रवाई पर एतराज जताते हुए चौहान मेन गेट के पास चिल्लाने लगे.

अलीराजपुर जिला पंचायत की सीईओ ने बताया कि उन्होंने नियमों और रद्द करने के पीछे के कारणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन चौहान कथित तौर पर आक्रामक हो गए. अपनी शिकायत में काग ने कहा कि इंदर सिंह चौहान ने कहा कि वह मेरे दांत तोड़ देंगे और मुझे जान से मार देंगे.

खबरों के मुताबिक, स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब चौहान कथित तौर पर काग पर शारीरिक हमला करने की कोशिश में उनकी ओर बढ़े. हालांकि, अलीराजपुर जिले के अकाउंट्स ऑफिसर सावन भिड़े ने बीच-बचाव किया और उन्हें रोक दिया, जिससे स्थिति और बिगड़ने से बच गई.

काग ने यह भी आरोप लगाया कि चौहान ने पहले उनके ऑफिस के केबिन से जबरदस्ती cctv कैमरे हटा दिए थे, जिसकी शिकायत उन्होंने डिप्टी कलेक्टर से की थी. उन्होंने आगे कहा कि यह ताजा घटना जिला परिसर में लगे cctv कैमरों में कैद हो गई है.

अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए अलीराजपुर जनपद पंचायत की सीईओ ने कहा कि मुझे अपने काम की जगह और अपने घर, दोनों जगहों पर असुरक्षित महसूस होता है. मैं इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग करती हूं.

Police ने भारतीय न्याय संहिता के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है.

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने कहा, “अगर नियमों के अनुसार कार्रवाई करने के लिए किसी वरिष्ठ महिला अधिकारी को धमकाया जाता है, तो इससे शासन और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा होती हैं. राज्य Government को बिना किसी Political दखल के कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए.”

पीएसके

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