मुंबई में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, विधानसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित

Mumbai , 6 जुलाई . Mumbai और आसपास के जिलों में हो रही भारी बारिश को लेकर Chief Minister देवेंद्र फडणवीस के आधिकारिक बयान के बाद Monday को Maharashtra विधानसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई. खराब मौसम की वजह से कई जगहों पर बुनियादी सुविधाओं और सेवाओं को बंद करना पड़ा है. Government और प्रशासन का पूरा ध्यान आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों पर केंद्रित हो सके, इसलिए विधानसभा की कार्यवाही को तुरंत रोक दिया गया.

सदन की कार्यवाही स्थगित होने से पहले सदन में सीएम फडणवीस ने इस प्राकृतिक संकट के बहुत बड़े पैमाने के बारे में विस्तार से बताया. Mumbai मेट्रोपॉलिटन रीजन, ठाणे, रायगढ़, पालघर और पुणे और नासिक के कुछ हिस्सों में लगातार बारिश हुई है जो मौसम के औसत से कहीं ज्यादा है.

Chief Minister फडणवीस ने विधानसभा को बताया, “राज्य Government ने सभी इमरजेंसी उपकरणों को सबसे ऊंचे लेवल के अलर्ट पर रखा है.”

उन्होंने कहा कि आईएमडी ने कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जिसमें 70 से 90 किमी घंटे की तेज हवा की रफ्तार को ट्रैक किया गया है, जिससे पहले ही बहुत ज्यादा तबाही हुई है. कई जगहों पर पेड़ गिरे और गंभीर स्ट्रक्चरल नुकसान भी हुआ.

लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कम्युनिकेशन को आसान बनाने के लिए एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए Chief Minister ने घोषणा की कि राज्य के ऑटोमेटेड सिस्टम सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को हर तीन घंटे में सीधे इमरजेंसी एसएमएस अलर्ट भेज रहे हैं.

Chief Minister ने कहा, “हम एक बहुत गंभीर और बढ़ती हुई प्राकृतिक आपदा से निपट रहे हैं. नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स और लोकल सिविक बॉडीज पूरी क्षमता से तैनात हैं. अभी हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता जान का नुकसान रोकना और बचाव अभियान चलाना है.”

सीएम फडणवीस ने कहा, “औसतन Mumbai में पूरे सालाना मॉनसून सीजन में लगभग 800 पेड़ गिरने की घटनाएं होती हैं. हालांकि अकेले कल ही एक ही दिन में 350 पेड़ गिर गए. आज का दिन और भी ज्यादा गंभीर हो रहा है, इसीलिए हमने ऑफिशियली एम्प्लॉयर्स से वर्क फ्रॉम होम की इजाजत देने की रिक्वेस्ट की है.”

सीएम ने कहा कि दोपहर के बाद शहर में 70 से 90 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चलने की उम्मीद है. ये तेज हवाएं खड़े पेड़ों के लिए बहुत बड़ा खतरा पैदा करेंगी. उन्होंने कहा, “यह बहुत जरूरी है कि लोग इस खतरे के प्रति बहुत ज्यादा अलर्ट और सावधान रहें.”

Chief Minister ने लोगों के लिए जरूरी सुरक्षा निर्देश बताए. उन्होंने कहा, “नागरिकों को सलाह दी जाती है कि जब तक कोई बहुत बड़ी इमरजेंसी न हो, वे आना-जाना कैंसिल कर दें और घर के अंदर रहें.”

युवाओं से एक खास अपील करते हुए Chief Minister ने उनसे बीच, घूमने की जगहों और झरनों पर जाने से बचने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा, “आज के लिए अनुमानित हवाओं की तेजी को देखते हुए मैं खास तौर पर युवा पीढ़ी से घूमने-फिरने और मानसून टूरिज्म से पूरी तरह बचने का आग्रह करता हूं.”

उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन और सिविक बॉडीज हाई अलर्ट पर हैं, और शहर के कमजोर इलाकों में इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमों को तैनात किया गया है ताकि गिरे हुए पेड़ों को हटाया जा सके और तूफान के चरम पर होने पर संभावित स्ट्रक्चरल खतरों को मैनेज किया जा सके.

दूसरी ओर, सदन स्थगित होने से पहले मानसून के कहर को लेकर Political टकराव भी दिखा. विपक्षी विधायकों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया. विधान भवन की सीढ़ियों पर प्रदर्शन करते हुए, विपक्ष के नेताओं ने Government के खिलाफ नारे लगाए और कहा कि वह इस मौसम की पहली बड़ी बारिश को संभालने में नाकाम रही है.

कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि पिछले दो दिनों में Mumbai की बारिश में अलग-अलग घटनाओं में 12 मौतें हुई हैं जिनमें लोगों का खुले मैनहोल में गिरना, पेड़ गिरना और मानखुर्द में स्ट्रक्चर का गिरना शामिल है. ये दुखद घटनाएं प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाती हैं.

उन्होंने तर्क दिया कि खराब इमारतों का समय पर प्री-मानसून सर्वे, पेड़ों की छंटाई, मैनहोल को सुरक्षित करना और साफ ड्रेनेज प्लानिंग से इन मौतों को आसानी से रोका जा सकता था.

डीकेएम/वीसी

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