
हैदराबाद, 8 फरवरी . India राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने Sunday को हैदराबाद में फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) में हुई आग की घटना की न्यायिक जांच की मांग की.
उन्होंने आरोप लगाया कि यह Chief Minister रेवंत रेड्डी द्वारा लंबे समय से लंबित ‘वोट-फॉर-नोट’ मामले से संबंधित महत्वपूर्ण सबूतों को नष्ट करने की जानबूझकर की गई साजिश थी.
रामाराव ने नगरपालिका चुनावों के लिए पार्टी के प्रचार के दौरान हनमकोंडा में मीडिया को संबोधित करते हुए दावा किया कि यह घटना फॉरेंसिक मटीरियल को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए की गई थी, ऐसे समय में जब मामला अपने आखिरी स्टेज पर पहुंच गया था, और फैसला आने वाला था.
बीआरएस नेता केटीआर ने जोर देकर कहा कि आग लगने की घटना से जुड़े हालात गंभीर संदेह पैदा करते हैं, जिनमें सर्दियों के दौरान अत्यधिक सुरक्षित सुविधा में आग लगना, 24 घंटे काम करने वाली प्रयोगशाला में कर्मचारियों की अनुपस्थिति और नुकसान की सीमा पर Government के विरोधाभासी बयान शामिल हैं.
केटीआर ने आरोप लगाया, “शुरुआत में अधिकारियों ने दावा किया था कि नुकसान मामूली हुआ है. हालांकि, बाद में First Information Report से पता चला कि 2015 से लेकर दस साल के सबूत पूरी तरह से नष्ट कर दिए गए थे. इस अचानक हुए बदलाव से साजिश की आशंका और भी पुख्ता हो जाती है.”
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि तीन मंजिला इमारत में आग बुझाने में साढ़े तीन घंटे से अधिक का समय कैसे लग गया, जबकि बताया गया था कि आग केवल पहली मंजिल तक ही सीमित थी. उनके अनुसार, कंप्यूटर, सर्वर और डिजिटल रिकॉर्ड भी जलकर खाक हो गए, लगभग 50 सिस्टम नष्ट हो गए, जिससे महत्वपूर्ण फॉरेंसिक डाटा पूरी तरह से नष्ट हो गया.
रामाराव ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की कि हजारों गंभीर आपराधिक मामलों से संबंधित सबूत कथित तौर पर नष्ट हो गए हैं, जिससे खतरनाक अपराधियों को न्याय से बचने का मौका मिल सकता है. उन्होंने कहा, “यह महज एक Political मामला नहीं है. इसका सीधा असर सार्वजनिक सुरक्षा और आपराधिक न्याय प्रणाली की निष्पक्षता पर पड़ता है.”
बीआरएस नेता ने आरोप लगाया कि Chief Minister दिल्ली के प्रभावशाली व्यक्तियों के मौन समर्थन से काम कर रहे हैं और इस पहलू की गहन जांच की मांग की. उन्होंने केंद्र Government से तत्काल हस्तक्षेप करने और अपनी प्रमुख एजेंसियों से निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच का आदेश देने का आह्वान किया.
उन्होंने आग लगने और सबूतों को कथित तौर पर नष्ट करने के मामले में एक स्वतंत्र न्यायिक जांच करने के लिए एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की नियुक्ति का भी आग्रह किया.
केटीआर ने आरोप लगाया कि Police बल के कुछ हिस्से Chief Minister की ‘निजी सेना’ की तरह काम कर रहे हैं. उन्होंने Police महानिदेशक को चुनौती दी कि यदि विभाग वास्तव में स्वतंत्र है तो वे सभी तथ्यों को जनता के सामने रखें.
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एएसएच/एबीएम