
अजमेर, 4 जुलाई . अजमेर दरगाह में चढ़ावा चोरी को लेकर अजमेर दरगाह के खादिम व अंजुमन सैयद जादगान के पूर्व सचिव सैयद सरवर चिश्ती ने एक वीडियो जारी कर इस खबर का खंडन किया है.
सैयद सरवर चिश्ती ने कहा कि दरगाह में चढ़ावा चोरी को लेकर नेशनल मीडिया में जो खबरें चल रही हैं, वह पूरी तरीके से गलत हैं. उन्होंने कहा कि दरगाह में चढ़ावा चोरी करने जैसी कोई बात नहीं है. दरगाह में देग का ठेका दिया जाता है और एक कॉन्ट्रैक्ट के तहत ठेकेदार ने पैसे नहीं जमा कराए हैं, जिसको लेकर First Information Report दर्ज कराई गई है. दरगाह की देग में जो पैसा आता है, उससे अनेक कार्य किए जाते हैं.
उन्होंने कहा कि जिन लोगों की ओर से ट्रस्ट बनाने के लिए बोला जा रहा है, उनको बता दूं कि ये पहले से ही ट्रस्ट है. दरगाह कमेटी अल्पसंख्यक मंत्रालय के अधीन है. दरगाह में जितनी भी दुकानें हैं, उसका किराया भी वे ही लेते हैं और जो बॉक्स में पैसे आते हैं, उसको Government लेकर जाती है. Government की ओर से हमें कुछ नहीं दिया जाता है. उन्होंने कहा कि अयोध्या मामले को न्यूट्रलाइज करने के लिए ये किया जा रहा है. यहां कोई चोरी नहीं की गई है.
सैयद सरवर चिश्ती ने आगे कहा कि इन पैसों से हमारी तरफ से किए गए कामों को आसानी से देखा जा सकता है. इस पैसे से हम धार्मिक और दरगाही काम करते हैं. उन्होंने अपील की कि हमको बदनाम न किया जाए.
वहीं, 1 जुलाई को शाही चीफ मुफ्ती मौलाना चौधरी इफराहीम हुसैन ने जकात फंड और वक्फ से जुड़े दान के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग का आरोप लगाया था. उन्होंने मुस्लिम चैरिटेबल संस्थाओं के प्रबंधन में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करते हुए कहा था कि जकात और वक्फ की आय का लाभ गरीब, यतीम, मिस्कीन और जरूरतमंद लोगों तक पूरी तरह नहीं पहुंच रहा है और इस पूरे मामले में सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है.
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एसडी/वीसी