केतन अग्रवाल केस : आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को सात दिन की पुलिस कस्टडी

पुणे, 23 जून . केतन अग्रवाल की मौत के मामले में गिरफ्तार आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को कोर्ट ने सात दिन की Police कस्टडी में भेज दिया है. वहीं, इस केस को लेकर बचाव पक्ष और पीड़ित परिवार के दावे एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं. जहां बचाव पक्ष इसे एक दुर्घटना बता रहा है. दूसरी तरफ, पीड़ित परिवार का आरोप है कि यह एक सुनियोजित हत्या और पहले से रची गई साजिश थी.

आरोपी चेतन चौधरी के वकील राम सहाने ने कोर्ट की कार्यवाही के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें सात दिन की Police कस्टडी में भेजने का आदेश दिया. उन्होंने बताया कि अदालत ने बचाव पक्ष की दलीलों को भी सुना.

वकील के अनुसार, इस मामले में सिया गोयल मुख्य आरोपी है, जो शिकायतकर्ता के बेटे के साथ विवाह करने वाली थी. इसी बीच दोनों लोहागढ़ घूमने गए थे, जहां शिकायतकर्ता के बेटे की मौत हो गई.

उन्होंने कहा कि अभियोजन पक्ष का आरोप है कि इस घटना के लिए सिया गोयल और चेतन चौधरी जिम्मेदार हैं, लेकिन बचाव पक्ष का मानना है कि यह एक एक्सीडेंटल डेथ का मामला है. सहाने ने यह भी दावा किया कि शुरुआत में Police ने भी इस घटना को दुर्घटना माना था, लेकिन बाद में हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया.

दूसरी तरफ, पीड़ित पक्ष ने मामले को सुनियोजित हत्या करार दिया है. केतन अग्रवाल के चाचा दिनेश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि यह कोई साधारण हादसा नहीं था, बल्कि पहले से रची गई साजिश का हिस्सा था.

उन्होंने कहा कि घटना के बाद परिवार को कुछ गड़बड़ी का संदेह हुआ और बाद में Police को भी मामले में संदिग्ध परिस्थितियां नजर आईं. उन्होंने दावा किया कि विभागीय जांच में यह सामने आया कि पूरी घटना पहले से सोची-समझी योजना के तहत अंजाम दी गई थी और केतन को मारने के इरादे से ही वहां ले जाया गया था.

उन्होंने बताया कि केतन की सिया के साथ सगाई हुई थी. परिवार के अनुसार सबकुछ सामान्य चल रहा था. अब तक की जानकारी में दो लोगों के नाम सामने आए हैं और Police मामले की जांच कर रही है. आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय मिलना चाहिए. साथ ही, घटना में शामिल सभी आरोपियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए.

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पीएसके/एबीएम

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