केरलम को कभी देश में ‘खेलों की नर्सरी’ माना जाता था, मौजूदा स्थिति निराशाजनक: पीटी उषा

तिरुवनंतपुरम, 4 जून . भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा ने कहा है कि केरलम को कभी देश में ‘खेलों की नर्सरी’ माना जाता था, लेकिन राज्य खेल के क्षेत्र में अपनी पुरानी पहचान खोता हुआ दिख रहा है. पीटी उषा ने कहा कि केरलम में खेल की विकास में बाधा का कारण खेल संरचना की कमी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में देरी है.

पत्रकारों से बातचीत में पीटी उषा ने कहा, “जब वह सक्रिय खिलाड़ी थीं, तब केरल देश के खेल मानचित्र पर अग्रणी राज्यों में शामिल था और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अक्सर पहले या दूसरे स्थान पर रहता था. अब स्थिति बदल गई है और एथलेटिक्स सहित विभिन्न खेलों में राज्य की रैंकिंग काफी नीचे पहुंच गई है. केरलम का 10वें या 11वें स्थान पर पहुंच जाना निराशाजनक है, क्योंकि राज्य ने भारतीय खेलों को मजबूत आधार प्रदान किया है.”

उन्होंने केरलम में खेल सुविधाओं पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि कई परियोजनाएं तकनीकी कारणों और मंजूरी संबंधी प्रक्रियाओं में फंस जाती हैं. त्रिशूर जैसे जिले ने देश को अनेक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और एथलीट दिए हैं, लेकिन वहां आज भी 400 मीटर का सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक उपलब्ध नहीं है. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर अधिकारियों से चर्चा की है और Prime Minister से भी सहयोग मांगा है.

पीटी उषा ने कहा कि खेलों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पहल, जैसे स्पोर्ट्स स्कूल और स्पोर्ट्स डिवीजन की अवधारणा, केरल से ही शुरू हुई थीं. स्वंय मैंने भी स्पोर्ट्स डिवीजन में पढ़ाई की थी, जिसने मेरे करियर को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

इस दौरान पीटी उषा ने ‘आइची-नागोया एशियन गेम्स फन रन 2026’ और ओलंपिक दिवस के महत्व पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि हर वर्ष 23 जून को मनाया जाने वाला ओलंपिक दिवस उत्कृष्टता, मित्रता और सम्मान जैसे ओलंपिक मूल्यों को बढ़ावा देता है तथा लोगों को खेलों और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करता है. उन्होंने कहा कि इस वर्ष ओलंपिक रन के साथ एशियाई ओलंपिक परिषद द्वारा भी फन रन का आयोजन किया जा रहा है.

उषा ने यह भी बताया कि राज्य में खेलों के विकास को लेकर Chief Minister और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित करने की योजना है. इस बैठक में खेल अवसंरचना, प्रतिभा विकास और खेल नीतियों को बेहतर बनाने जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी, ताकि केरलम को एक बार फिर देश के प्रमुख खेल केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके.

पीएके

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