
चेन्नई, 4 जून . तमिलनाडु में 152 सुपर स्पेशियलिटी मेडिकल सीटों को लेकर Political और स्वास्थ्य क्षेत्र में नई बहस छिड़ गई है. राज्य के विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने Chief Minister सी. जोसेफ विजय से तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की.
उन्होंने कहा कि यदि ये सीटें ऑल इंडिया कोटा (एआईक्यू) को सौंप दी गईं, तो इसका सीधा असर Governmentी डॉक्टरों और राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ेगा.
उदयनिधि स्टालिन ने Chief Minister को लिखे पत्र में Supreme Court के 29 मई के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि राज्य की 152 खाली सुपर स्पेशियलिटी मेडिकल सीटों को राष्ट्रीय पूल में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि हालिया सुनवाई के दौरान राज्य Government Supreme Court में तमिलनाडु का पक्ष प्रभावी ढंग से नहीं रख सकी, जिसके कारण यह स्थिति पैदा हुई.
उन्होंने बताया कि नीट 2025 के तहत तमिलनाडु में कुल 430 सुपर स्पेशियलिटी सीटें उपलब्ध थीं. इनमें से 215 सीटें लंबे समय से चली आ रही राज्य नीति के तहत Governmentी सेवा में कार्यरत डॉक्टरों (इन-सर्विस डॉक्टर्स) के लिए आरक्षित थीं. हालांकि नियमित काउंसलिंग के जरिए केवल 63 सीटों पर ही दाखिले हो सके और दूसरे चरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 152 सीटें खाली रह गईं.
इसके बाद एक याचिका Supreme Court में दायर की गई, जिसमें इन खाली सीटों को ऑल इंडिया कोटा में शामिल करने की मांग की गई. उदयनिधि स्टालिन का दावा है कि 8, 10 और 16 अप्रैल को हुई सुनवाई के दौरान तत्कालीन डीएमके Government ने राज्य का पक्ष मजबूती से रखा था और सीटों के हस्तांतरण को रोकने में सफल रही थी. लेकिन Government बदलने के बाद कानूनी रणनीति कमजोर पड़ गई.
उन्होंने आरोप लगाया कि 25 और 29 मई की सुनवाई में तमिलनाडु की ओर से पेश वकील कुछ महत्वपूर्ण कानूनी तर्क अदालत के सामने नहीं रख पाए. खासकर एन. कार्तिकेयन मामले से जुड़े उस पुराने फैसले की अनुपयुक्तता को नहीं बताया गया, जिसका हवाला याचिकाकर्ता ने दिया था.
उदयनिधि स्टालिन ने चेतावनी दी कि इन सीटों के एआईक्यू में जाने से Governmentी डॉक्टरों के लिए उच्च विशेषज्ञता हासिल करने के अवसर कम हो जाएंगे. इसका असर भविष्य में Governmentी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता पर पड़ेगा. प्रभावित सीटों में कार्डियोथोरेसिक सर्जरी, पीडियाट्रिक सर्जरी, न्यूरोसर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी, यूरोलॉजी और वैस्कुलर सर्जरी जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं.
उन्होंने Chief Minister विजय से राज्य की कानूनी स्थिति की समीक्षा करने, सीटों को एआईक्यू में जाने से रोकने और तमिलनाडु के Governmentी डॉक्टरों के हितों की रक्षा करने की मांग की है.
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