केरल: वीणा विजयन से जुड़े सीएमआरएल मामले में ईडी की जांच तेज, कोर्ट में दायर कर सकती हैं अग्रिम जमानत याचिका

तिरुवनंतपुरम, 28 मई . कोचिन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) और एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस के बीच विवादास्पद वित्तीय लेनदेन से जुड़े मामले में अब Enforcement Directorate की जांच एक अहम चरण में पहुंच गई है. इसकी वजह से केरल के पूर्व Chief Minister पिनाराई विजयन और उनकी बेटी टी. वीणा पर दबाव बढ़ता जा रहा है.

उच्चस्तरीय सूत्रों ने बताया कि ईडी कानूनी विकल्पों पर सक्रिय रूप से विचार कर रही है, जिसमें हिरासत में पूछताछ और संभावित गिरफ्तारी भी शामिल है. यह कदम तब उठाया जा रहा है जब अधिकारी Wednesday को केरल और Bengaluru में की गई समन्वित छापेमारी के दौरान जब्त किए गए डिजिटल सबूतों और वित्तीय रिकॉर्ड का विश्लेषण कर रहे हैं.

इन घटनाक्रमों ने केरल में एक बड़ा Political तूफान खड़ा कर दिया है. यह सब ठीक उस समय हुआ है जब विधानसभा में नव-निर्वाचित यूडीएफ Government का नीतिगत संबोधन होने वाला है.

जब 1 जून को तीन दिन का विधानसभा सत्र शुरू होगा, तो इस मुद्दे के चर्चाओं में छाए रहने की उम्मीद है. अब सबकी नजरें भाजपा की तीन-सदस्यीय विधायी पार्टी पर और विजयन के खिलाफ सत्ता पक्ष द्वारा अपनाए जाने वाले आक्रामक रुख पर टिकी हैं.

जांच के केंद्र में ये आरोप हैं कि वीणा और उनकी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस ने सीएमआरएल से बिना कोई वैध आईटी या कंसल्टेंसी सेवा दिए 2.78 करोड़ रुपए प्राप्त किए.

गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) के मुख्य निष्कर्षों के अनुसार, वीणा को व्यक्तिगत रूप से हर महीने 5 लाख रुपए मिले, जबकि एक्सालॉजिक को मिनरल सैंड्स कंपनी से हर महीने 3 लाख रुपए और मिले.

कुल मिलाकर इन पेमेंट्स की रकम हर महीने 8 लाख रुपए थी, जो सालाना 96 लाख रुपए और कुल मिलाकर 2.78 करोड़ रुपए बनती है. ये पेमेंट्स जनवरी 2017 से जून 2020 के बीच किए गए थे यानी पी. विजयन के Chief Minister का पद संभालने के कुछ ही समय बाद.

जांचकर्ताओं को पता चला कि एक्सालॉजिक जो घाटे में चल रही थी, उस दौरान अपनी आय के मुख्य स्रोत के तौर पर सीएमआरएल पर ही बहुत ज्यादा निर्भर थी. इससे भी ज्यादा अहम बात यह है कि एसएफआईओ ने यह निष्कर्ष निकाला है कि वीना कोई भी ऐसा दस्तावेजी सबूत पेश नहीं कर पाईं, जिससे यह साबित हो सके कि एक्सालॉजिक ने सीएमआरएल को कोई सेवा दी थी.

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि जनवरी 2019 में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के इंस्पेक्शन में वीणा को 1.72 करोड़ रुपए के पेमेंट का मामला सामने आने के बाद भी सीएमआरएल से उनके खातों में पैसे आते रहे.

जांचकर्ताओं ने इस बात की ओर भी इशारा किया है कि एक्सालाजिक के साथ अपना करार खत्म करने के बाद, सीएमआरएल ने बाद में आईटी सेवाओं के लिए एक दूसरी कंपनी, एटीएन टेक्नोलॉजीज के साथ समझौता किया. ईडी इस जानकारी का इस्तेमाल करके पिछले लेन-देन की वैधता पर सवाल उठा सकती है.

जांच के दायरे को बढ़ाते हुए ईडी ने इस मामले से जुड़े 242 बैंक खातों में जमा करीब 18.36 करोड़ रुपए पहले ही फ्रीज कर दिए हैं. अधिकारी अब और कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू करने से पहले, इन खातों के जरिए भेजे गए पैसों के सही स्रोत और उनके लेन-देन का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं.

संकेत मिल रहे हैं कि वीणा विजयन संभावित गिरफ्तारी से बचने के लिए जल्द ही कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दे सकती हैं.

हालांकि, ईडी अधिकारियों से ऐसी किसी भी अर्जी का कड़ा विरोध करने की उम्मीद है. उनका तर्क है कि जांच के दौरान सामने आए वित्तीय लेन-देन के स्वरूप को देखते हुए हिरासत में पूछताछ बेहद जरूरी है.

इस बीच तलाशी अभियान के दौरान पी. विजयन के आवास के बाहर ईडी अधिकारियों और सीआरपीएफ जवानों पर हुए हमलों के बाद इस मामले ने एक तीखा Political मोड़ ले लिया है.

केंद्रीय एजेंसियां ​​अब इस जांच से जुड़े भविष्य के ऑपरेशन्स के लिए सीआरपीएफ की तैनाती बढ़ाने पर विचार कर रही हैं.

Wednesday और Thursday को जब Chief Minister वीडी सतीशन से ईडी की छापेमारी और विजयन के घर पर हुई उन घटनाओं के बारे में पूछा गया, जिनके कारण हिंसा भड़की और सीपीआई (एम) के आठ कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया, तो उन्होंने इस पर चुप्पी साधे रखी.

ई़डी द्वारा अपनी जांच तेज किए जाने और एसएफआईओ के निष्कर्षों के अब सार्वजनिक हो जाने के साथ सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामला तेजी से केरल द्वारा हाल के वर्षों में देखी गई सबसे अधिक Political रूप से संवेदनशील वित्तीय जांचों में से एक बनता जा रहा है.

पीएसके/वीसी

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