
कोच्चि, 27 मार्च . केरल हाईकोर्ट ने Friday को India निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि वह दो महीने के भीतर उस शिकायत पर विचार करे, जिसमें आरोप लगाया गया है कि भाजपा नेता बी. गोपालकृष्णन ने गुरुवायूर में चल रहे विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान सांप्रदायिक टिप्पणी की थी.
जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने केरल स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) के नेता गोकुल द्वारा दायर एक रिट याचिका का निपटारा करते हुए यह निर्देश जारी किया.
याचिकाकर्ता ने एनडीए उम्मीदवार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी और उन पर social media पर कथित सांप्रदायिक पोस्ट के जरिए चुनाव कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था.
गुरुवायूर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे गोपालकृष्णन ने ऐसी सामग्री पोस्ट की थी, जिसमें दावा किया गया था कि विरोधी दल इस क्षेत्र में हिंदू उम्मीदवार उतारने में नाकाम रहे हैं. इन टिप्पणियों के कारण कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई और गुरुवायूर मंदिर Police स्टेशन ने भारतीय न्याय संहिता के साथ-साथ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत एक मामला दर्ज कर लिया.
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि इस घटना के संबंध में पहले ही First Information Report दर्ज की जा चुकी है और विवादित वीडियो को हटा दिया गया है.
कोर्ट ने यह भी पाया कि याचिकाकर्ता पहले ही एक औपचारिक शिकायत के साथ India निर्वाचन आयोग से संपर्क कर चुका है, जो अभी लंबित है. अपने आदेश मेंकोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि चूंकि निर्वाचन आयोग के समक्ष उपलब्ध वैधानिक उपाय का अभी तक पूरी तरह से उपयोग नहीं किया गया है, इसलिए ईसीआई के लिए इस मामले पर सोच-समझकर कोई फैसला लेना ही उचित होगा.
पीठ ने चल रही चुनाव प्रक्रिया का हवाला देते हुए आरोपों की मेरिट (गुण-दोष) पर कोई भी ठोस टिप्पणी करने से परहेज किया.
कोर्ट ने कहा, “चूंकि चुनाव पहले ही शुरू हो चुके हैं, इसलिए कोर्ट के लिए ऐसी कोई भी टिप्पणी करना उचित नहीं है जिसका प्रस्तावित चुनाव पर कोई असर पड़े. साथ ही ईसीआई को निर्देश दिया कि वह आदेश मिलने के दो महीने के भीतर इस शिकायत पर फैसला ले.
इस निर्देश के साथ ही याचिका का निपटारा कर दिया गया और अब इस Political रूप से संवेदनशील मामले में आगे की कार्रवाई तय करने का काम निर्वाचन आयोग पर छोड़ दिया गया है.
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डीकेएम/वीसी