
तिरुवनंतपुरम, 4 अगस्त . केरल में लगातार हो रही बारिश की वजह से मरने वालों की संख्या 21 हो गई है, जबकि छह लोग अभी भी लापता हैं. भारी बारिश से पूरे राज्य में स्थिति गंभीर हो गई है.
बाढ़, भूस्खलन और नदियों के उफान पर होने की वजह से हजारों लोग बेघर हो गए हैं, घरों और सड़कों को नुकसान पहुंचा है. अधिकारियों को कई जिलों में बचाव और राहत कार्य तेज करने पर मजबूर होना पड़ा है. परिस्थितियों का समाधान करने के लिए Chief Minister वी.डी. सतीशन Tuesday को पठानमथिट्टा जिले के रन्नी और अरनमुला के सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे.
उनका पहला पड़ाव दोपहर में अरनमुला होगा, जहां उनसे जिले के अधिकारियों से बातचीत करने, राहत कैंपों के कामकाज का आकलन लगाने और दूसरी प्रभावित जगहों पर जाने से पहले बचाव कार्यों की समीक्षा करने की उम्मीद है.
आपदा से निपटने के तरीकों से Political आलोचना से घिरी Government के लिए Chief Minister का यह दौरा अहम है.
Police की ओर से बाढ़ के शुरुआती अहम दौर में कोऑर्डिनेशन में कमी का आरोप लगाया गया है, और सवाल उठाया है कि समय पर कार्रवाई से आपदा का असर कम हो सकता था? जंगल के इलाकों में रात भर बारिश कम हुई, लेकिन पठानमथिट्टा में हालात अभी भी ठीक नहीं हैं.
रन्नी और अरनमुला में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं, जहां पंबा, अचनकोविल और कक्कत्तर नदियों में पानी का लेवल अभी भी ज्यादा है. अधिकारियों ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधान रहने की चेतावनी दी है. जिला प्रशासन की ओर से 74 राहत कैंप खड़े हो गए हैं, जिनमें से 3,000 से ज्यादा लोगों को रहने की जगह दी गई है.
कैंपों के रास्ते जरूरी सामान बांट जा रहा है, जबकि बचाव दल कमजोर जगहों पर तैयार हैं. अधिकारियों की ओर से लोगों को पहाड़ी और बाढ़ वाले इलाकों में बिना वजह जाने से बचने की सलाह दी गई है.
India मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मध्य और उत्तरी केरल में और भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है, जिससे नई बाढ़ और भूस्खलन का डर बढ़ गया है.
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एसडी/एएस