कश्मीरी अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी को देश के खिलाफ साजिश रचने के मामले में उम्रकैद की सजा

New Delhi, 24 मार्च . कश्मीरी अलगाववादी नेता और दुख्तरान-ए-मिल्लत (डीईएम) की प्रमुख आसिया अंद्राबी को दिल्ली की एनआईए विशेष अदालत ने देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है.

एनआईए अदालत ने आसिया अंद्राबी के दो अन्य सहयोगियों सोफी फहमिदा और नाहिदा नसरीन को भी 30-30 साल की सजा दी है. यह फैसला उन आरोपों पर आधारित है, जिनमें कश्मीर घाटी में महिलाओं और युवाओं को अलगाववाद की ओर भड़काने, आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने और India Government के खिलाफ साजिश रचने का मामला शामिल था.

पिछले जनवरी 2026 में एनआईए अदालत ने आसिया अंद्राबी समेत तीनों महिलाओं को यूएपीए (अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट) के विभिन्न प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया था. अदालत ने उनके भाषणों, साक्षात्कारों, social media पोस्ट्स और संगठनात्मक गतिविधियों को साक्ष्य मानते हुए सजा सुनाई. हालांकि अदालत ने उन्हें सीधे युद्ध छेड़ने और आतंकवाद के लिए फंड जुटाने जैसे कुछ आरोपों से बरी कर दिया था. लेकिन, साजिश रचने और आतंकवादी संगठन को समर्थन देने के आरोप सिद्ध हुए.

आसिया अंद्राबी दुख्तरान-ए-मिल्लत नामक महिला संगठन की चेयरपर्सन हैं. एनआईए का आरोप था कि उन्होंने और उनके सहयोगियों ने कश्मीर में अलगाववादी विचार फैलाए, युवाओं को हिंसक रास्ते पर ले जाने की कोशिश की और India विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दिया.

सजा सुनाए जाने के दौरान एनआईए ने कोर्ट से कहा कि ऐसे गंभीर मामलों में सख्त सजा जरूरी है, ताकि देश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था मजबूत रहे. वहीं बचाव पक्ष ने स्वास्थ्य कारणों और पहले से जेल में बिताए समय का हवाला देते हुए नरमी की मांग की थी.

यह मामला 2018 में दर्ज किया गया था. एनआईए ने आरोप लगाया था कि आसिया अंद्राबी और उनके साथी Pakistan स्थित आतंकवादी संगठनों के संपर्क में थे और कश्मीर को India से अलग करने की कोशिश कर रहे थे. अदालत ने करीब आठ साल की सुनवाई के बाद फैसला सुनाया.

एमएस/

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