कर्नाटक: मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने बताया, मिडिल ईस्ट में फंसे लोग प्राप्त कर सकते हैं मदद

Bengaluru, 2 मार्च . कर्नाटक Government में मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने बताया कि कैसे इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के दौरान मिडिल ईस्ट में फंसे लोग मदद प्राप्त कर सकते.

उन्होंने Monday को समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि हमारे राज्य के लोग भी मौजूदा समय में मिडिल ईस्ट में फंसे हुए हैं. वो वहां से निकलने के लिए हमारे द्वारा सुझाए गए दो विकल्प में से किसी भी एक का इस्तेमाल अपनी सुविधा के हिसाब से कर सकते हैं. हमारा ऐसे लोगों को सुझाव रहेगा कि वो केंद्र Government की तरफ से शुरू किए गए ‘सारथी सहाय’ पोर्टल पर अपना नाम पंजीकृत करवा सकते हैं. अपना नाम पंजीकृत कराने के बाद उन्हें फौरन केंद्र Government की तरफ से मदद मुहैया कराई जाएगी.

मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने कहा कि इसके इतर हमने मिडिल ईस्ट में फंसे अपने नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है. वो चाहे तो इन हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं. हमने दो नंबर जारी किए हैं. पहला नंबर 08022340676 और 08022253707 है. इन नंबर और पोर्टल पर संपर्क किए जाने के बाद हम संबंधित व्यक्ति की जानकारी फौरन केंद्रीय विदेश मंत्रालय तक संप्रेषित करेंगे, जिसके बाद फौरन उन्हें मदद मुहैया कराई जाएगी. साथ ही, मिडिल ईस्ट में फंसे हमारे लोग स्थानीय दूतावासों से भी संपर्क कर सकते हैं. उनके द्वारा इन दूतावासों मं संपर्क करने के बाद फौरन उन्हें मदद मुहैया कराई जाएगी.

उन्होंने कहा कि इस तरह से अगर देखें, तो कर्नाटक में फंसे हमारे लोगों के लिए मुख्य रूप से मदद के लिए तीन विकल्प हैं. जिसमें से पहले विकल्प के तहत मिडिल ईस्ट में फंसे हमारे लोग केंद्र Government द्वारा जारी वेब पोर्टल पर संपर्क कर सकते हैं या दूरभाष नंबर पर संपर्क कर सकते हैं. अगर इससे भी बात नहीं बनती है, तो स्थानीय दूतावास से संपर्क कर सकते हैं. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि वहां फंसे नागरिकों को फौरन मदद पहुंचाई जाए.

मंत्री ने बताया कि इन सब बातों के इतर हमने केंद्र Government से आग्रह किया है कि वो मिडिल ईस्ट के स्थानीय दूतावासों को निर्देश दें कि वहां फंसे लोगों को मदद पहुंचाने की दिशा में त्वरित कदम उठाए जाए. इसके अलावा, जब तक युद्ध चल रहा है, तब तक के लिए वहां फंसे लोगों के रहने के लिए व्यवस्था भी की जाए.

इसके अलावा, उन्होंने राहत बचाव का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जहां तक राहत बचाव का सवाल है, तो मैं एक बात स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि अभी मिडिल ईस्ट में हवाई गतिविधि मुश्किल है, क्योंकि लगातार एक-दूसरे पर हमले किए जा रहे हैं. लेकिन, केंद्र Government युद्ध खत्म होने के बाद शुरू किए जाने वाले ‘रेस्क्यू ऑपरेशन’ के संबंध में भी पूरी रूपरेखा तैयार करने में जुटी हुई है. आगे चलकर इसी रूपरेखा के आधार पर लोगों को कैसे बचाया जाए, इस बारे में पूरा प्लान तैयार किया जाएगा. हम अभी निजी विमान कंपनियों के संपर्क में भी जुटे हुए हैं. साथ ही, अगर जरूरत पड़ी, तो हम वहां फंसे लोगों के रेस्क्यू के लिए विशेष विमान की सेवाएं भी शुरू करेंगे. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें किसी भी प्रकार की समस्याएं न हों.

कर्नाटक Government में मंत्री ने कहा कि हमने मिडिल ईस्ट के स्थानीय दूतावासों से आग्रह किया है कि वो युद्धग्रस्त क्षेत्र में फंसे लोगों के रहने की भी व्यवस्था करें. इस दिशा में जो भी खर्चा आएगा, उसका वहन हमारी तरफ से किया जाएगा. हमें इस दिशा में कदम बढ़ाने में किसी भी प्रकार की आपत्ति नहीं होगी. राज्य Government मौजूदा समय में पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुई है. युद्ध के बीच केंद्र और कर्नाटक Government लोगों को वहां से रेस्क्यू के लिए अपनी तरफ से भरसक प्रयास कर रही है. वहीं, मौजूदा स्थिति को देखते हुए मेरा सभी लोगों से यही आग्रह है कि वो संयम से काम लें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी किए गए दिशानिर्देशों का पालन करें.

उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में हमारे कई लोग मिडिल ईस्ट में फंसे हुए हैं. मैं ऐसे सभी लोगों से आग्रह करना चाहूंगा कि वो हमारी Government द्वारा शुरू किए गए वेब पोर्टल पर अपना नाम पंजीकृत करें, ताकि हमारे संज्ञान में यह हो कि वो वहां पर फंसे हुए हैं, ताकि हम उन्हें बचाने की दिशा में अपनी तरफ से कदम उठा सके.

एमएस/

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