
अमरावती, 2 मार्च . आंध्र प्रदेश के पूर्व Chief Minister और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने राज्य Government से अपील की है कि मिडिल ईस्ट में बने युद्ध जैसे हालात को देखते हुए खाड़ी देशों में फंसे आंध्रवासियों को सुरक्षित निकालने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए जाएं.
जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि आंध्र प्रदेश के हजारों लोग खाड़ी देशों में काम करते हैं और बढ़ते तनाव के कारण वे इस समय अनिश्चितता और सुरक्षा संबंधी जोखिमों का सामना कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि कई उड़ानें रद्द हो गई हैं और कई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर पाबंदियां लगा दी गई हैं, जिससे बहुत से लोग वहीं फंस गए हैं और उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य Government को केंद्र Government के साथ समन्वय बनाकर उनकी सुरक्षित वापसी के लिए विशेष निकासी व्यवस्था करनी चाहिए. साथ ही खाड़ी देशों में स्थित भारतीय दूतावासों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखना भी जरूरी है, ताकि वहां रह रहे आंध्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
जगन मोहन रेड्डी ने सुझाव दिया कि राज्य में एक विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाए और हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाएं, ताकि परिवारों को विदेश में रह रहे अपने परिजनों की स्थिति और यात्रा से जुड़ी जानकारी नियमित रूप से मिलती रहे.
उन्होंने कहा कि राज्य से बाहर रहने वाले लोगों की सुरक्षा और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना Government की जिम्मेदारी है. ऐसे कठिन समय में Government को Political मतभेदों से ऊपर उठकर संवेदनशील और जिम्मेदार तरीके से काम करना चाहिए.
राज्य के एनआरआई संबंध और सशक्तिकरण मंत्री कोंडापल्ली श्रीनिवास ने कहा है कि Government खाड़ी देशों में फंसे तेलुगु लोगों को सुरक्षित वापस लाने के लिए जरूरी कदम उठा रही है.
उन्होंने Monday को बताया कि मौजूदा युद्ध जैसे हालात के कारण कुछ हवाई अड्डों पर यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इस स्थिति को देखते हुए Chief Minister नारा चंद्रबाबू नायडू और संबंधित विभाग के मंत्री के रूप में वे खुद लगातार हालात पर नजर रखे हुए हैं.
उन्होंने कहा कि परेशानी में फंसे अनिवासी आंध्रवासियों को मदद पहुंचाने के लिए आंध्र प्रदेश नॉन-रेजिडेंट तेलुगु सोसाइटी (एपीएनआरटी) ने खाड़ी देशों में अपने समन्वयकों को सतर्क कर दिया है. स्थानीय तेलुगु समुदाय के सहयोग से फंसे लोगों के लिए अस्थायी ठहरने की व्यवस्था, सुरक्षा और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है. मंत्री ने बताया कि एपीएनआरटी के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और वहां के समन्वयकों के संपर्क में हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद दी जा सके.
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एमएस/