
Bengaluru, 18 मई . कर्नाटक Government Tuesday को कांग्रेस के भीतर नेतृत्व के मुद्दों को लेकर चल रही अटकलों के बीच Bengaluru के पास तुमकुरु में ‘प्रगतियत्ता कर्नाटक’ नाम के एक बड़े कार्यक्रम के साथ सत्ता में अपने तीन साल पूरे होने का जश्न मनाने के लिए तैयार है.
इस कार्यक्रम के हिस्से के तौर पर, Government 1.52 लाख लाभार्थियों को संपत्ति के दस्तावेज बांटेगी.
गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने Monday को Bengaluru में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि पार्टी के भीतर नेतृत्व के मुद्दे को Governmentी कार्यक्रम से नहीं जोड़ा जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि नेतृत्व की खींचतान एक अलग मुद्दा है और इसे इस कार्यक्रम के साथ नहीं मिलाया जा सकता. हम इस कार्यक्रम का आयोजन विकास के नजरिए से कर रहे हैं. पार्टी के अंदरूनी मामलों को इससे नहीं जोड़ा जाना चाहिए.
परमेश्वर ने कहा कि इस सम्मेलन के दो मुख्य हिस्से होंगे. उन्होंने कहा कि पहला हिस्सा 1.52 लाख लाभार्थियों को बिक्री विलेख (सेल डीड) का वितरण है. दूसरा, यह हमारी Government के सत्ता में आने के तीन साल पूरे होने का प्रतीक है. हमने अपने चुनावी घोषणापत्र में लोगों को आश्वासन दिए थे और पांच साल के भीतर उन्हें पूरा करने का वादा किया था.
उन्होंने कहा कि लोगों को यह बताना जरूरी है कि हमने क्या काम किया है. लोगों को इसके बारे में जानने का अधिकार है. इसी पृष्ठभूमि में इस सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है. यह किसी के लिए भी अपनी ताकत दिखाने का मंच नहीं है. इसका मकसद पूरी तरह से Government के कार्यक्रमों के बारे में लोगों को जानकारी देना है.
गृह मंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम को Political शक्ति प्रदर्शन के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक Governmentी कार्यक्रम है, न कि पार्टी का कार्यक्रम. हमने पार्टी आलाकमान के किसी भी नेता को आमंत्रित नहीं किया है, क्योंकि यह एक आधिकारिक Governmentी कार्यक्रम है.
परमेश्वर ने सम्मेलन के अगले दिन से आरटीसी कर्मचारियों द्वारा बुलाई गई अनिश्चितकालीन हड़ताल के बारे में पूछे जाने पर कहा कि कर्मचारियों ने अपनी मांगों की ओर Government का ध्यान खींचने के लिए इस विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है.
उन्होंने कहा कि Chief Minister और परिवहन मंत्री इस मुद्दे को देख रहे हैं. मैंने भी उनसे बात की है. वे काले झंडे दिखाने के प्रस्ताव को वापस लेने पर सहमत हो गए हैं. 20 मई के बाद, अगर जरूरत पड़ी, तो Chief Minister उनसे मुलाकात करेंगे.
परमेश्वर ने कहा कि घोषणापत्र में बताए गए छोटे-मोटे लक्ष्य तो काफी हद तक पूरे हो गए हैं, लेकिन सिंचाई जैसी लंबी अवधि वाली परियोजनाएं अगले दो सालों में पूरी की जाएंगी.
उन्होंने कहा कि जब घोषणापत्र तैयार किया गया था, तो उसमें छोटी और लंबी, दोनों तरह की परियोजनाओं की योजना बनाई गई थी. छोटे लक्ष्य तो पूरे हो चुके हैं. अब हमें सिंचाई योजनाओं जैसी लंबी अवधि वाली परियोजनाओं पर ध्यान देना होगा, जिन्हें अगले दो सालों में लागू किया जाएगा.
इस बीच, कर्नाटक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने कांग्रेस Government पर तीखा हमला बोला. उन्होंने प्रस्तावित ‘साधना समावेश’ सम्मेलन के औचित्य पर सवाल उठाते हुए कई क्षेत्रों में प्रशासनिक विफलता के आरोप लगाए.
विजयेंद्र ने सवाल किया कि सत्ता में तीन साल पूरे होने के बाद कांग्रेस Government किन ‘बड़ी उपलब्धियों’ का जश्न मना रही है. उन्होंने Government पर रोजगार के अवसर पैदा करने में नाकाम रहने और लाखों नौकरी के इच्छुक युवाओं को बेरोजगारी की ओर धकेलने का आरोप लगाया.
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि राज्य Government ने किसानों के लिए कोई ठोस कल्याणकारी कदम न उठाकर उनकी उपेक्षा की है, और साथ ही किसानों के विरोध-प्रदर्शनों को भी दबाया है.
उन्होंने महिलाओं के कल्याण के मुद्दे पर भी कांग्रेस Government की आलोचना की. उन्होंने दावा किया कि ‘गृह लक्ष्मी’ योजना को प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया जा रहा है, और आरोप लगाया कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में बढ़ोतरी हुई है.
विजयेंद्र ने Government पर मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) और वाल्मीकि निगम से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार करने का भी आरोप लगाया. साथ ही, उन्होंने अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आवंटित धन के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया.
उन्होंने आरक्षण के मुद्दों, शिक्षा नीतियों, नशीले पदार्थों के बढ़ते दुरुपयोग और स्वास्थ्य क्षेत्र की बदहाली को लेकर भी Government को निशाने पर लिया.
विजयेंद्र ने प्रस्तावित सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम ‘उपलब्धियों का जश्न नहीं, बल्कि अहंकार और विफलता का प्रदर्शन है.’
उन्होंने आरोप लगाया कि Government की उपलब्धियों के दावे केवल कागजों और विज्ञापन बोर्डों तक ही सीमित हैं.
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एएसएच/एमएस