कर्नाटक सरकार ने सूखे की तैयारी नहीं की, किसानों से कोई बैठक नहीं की: भाजपा

मांड्या, 4 जुलाई . कर्नाटक में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने Saturday को मांड्या स्थित केआरएस जलाशय का दौरा किया. इस दौरान भाजपा ने राज्य Government पर सूखे की तैयारी न करने और किसानों से कोई बैठक न करने का आरोप लगाया.

अपने दौरे के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अशोक ने आरोप लगाया कि Government किसानों को वैकल्पिक फसलें उगाने की सलाह तो देती है, लेकिन खुद कोई कदम नहीं उठाती.

उन्होंने मांग की कि Chief Minister को किसानों के नुकसान के लिए मुआवजे की घोषणा करनी चाहिए थी, और याद दिलाया कि भाजपा Government के दौरान इससे दोगुना मुआवजा दिया गया था.

अशोक ने मांग की कि Government अब प्रभावित किसानों को प्रति एकड़ 50,000 रुपए का मुआवजा दे.

अशोक ने कहा कि बारिश की कमी के कारण केआरएस जलाशय में जलस्तर गिरने के बावजूद Chief Minister डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली कर्नाटक Government ने कोई कदम नहीं उठाया है. उन्होंने प्रति एकड़ 50,000 रुपए के तत्काल मुआवजे की अपनी मांग दोहराई.

उन्होंने दावा किया कि डीके शिवकुमार के Chief Minister बनने के एक महीने के भीतर ही राज्य के सभी जलाशय सूख गए हैं. उन्होंने बताया कि केआरएस में केवल 6 टीएमसी पानी बचा है, जिसमें 900 क्यूसेक की दर से पानी आ रहा है, लेकिन उन्होंने आशंका जताई कि इससे अधिक पानी बाहर छोड़ा जा रहा है.

अशोक ने कहा कि आवश्यकता प्रति माह 3 टीएमसी पानी की है, जिसका उपयोग पीने के पानी के लिए किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि किसानों ने 1 लाख एकड़ से अधिक भूमि पर फसलें बोई हैं, लेकिन Chief Minister ने फसलें न उगाने का आह्वान किया है.

उन्होंने आगे टिप्पणी की कि जब Prime Minister Narendra Modi ने जल संरक्षण की अपील की थी, तब कांग्रेस ने इसकी कड़ी आलोचना की थी, लेकिन अब वही सलाह किसानों को दे रही है. अशोक ने फटकार लगाते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत होती, तो वे तमिलनाडु के किसानों से फसल न उगाने के लिए कह देते.

अधिकारियों के अनुसार, केवल 5 प्रतिशत बुवाई हुई है. अशोक ने बताया कि इस समय Chief Minister शिवकुमार को किसान नेताओं की बैठक बुलाकर फसल संबंधी चर्चा करनी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय वे कचरा निपटान और सुरंग सड़कों जैसी परियोजनाओं के लिए निविदाएं आमंत्रित करने में जल्दबाजी कर रहे हैं.

एमएस/

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