
Bengaluru, 6 मार्च . सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कर्नाटक Government ने Friday को पेश किए गए राज्य बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्ट, पर्यटन और सांस्कृतिक विकास से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स की घोषणा की. इन योजनाओं में Bengaluru में नए सड़क प्रोजेक्ट, अंजनाद्री पहाड़ी को वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना और शहर में दूसरे एयरपोर्ट की योजना शामिल है.
बजट पेश करते हुए Chief Minister सिद्धारमैया ने कहा कि शहर के उत्तरी हिस्से में बढ़ते ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए बैंगलोर विकास प्राधिकरण (बीडीए) एक बड़ा सड़क प्रोजेक्ट शुरू करेगी. इसके तहत हेब्बल जंक्शन से मेखरी सर्कल तक लगभग 2,250 करोड़ रुपए की लागत से एक टनल रोड और एक एलिवेटेड रोड बनाई जाएगी. Government का मानना है कि इस प्रोजेक्ट से शहर के इस हिस्से में ट्रैफिक का दबाव काफी कम होगा और लोगों को आने-जाने में राहत मिलेगी.
Government ने भगवान हनुमान के जन्मस्थान के रूप में प्रसिद्ध अंजनाद्री हिल को एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की भी योजना बनाई है. इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 100 करोड़ रुपए रखी गई है. Chief Minister ने बताया कि केंद्र Government से जरूरी वन और पर्यावरण संबंधी मंजूरी तथा यूनेस्को से आवश्यक स्वीकृति मिलने के बाद विकास से जुड़े कामों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाएगा.
Bengaluru में लगातार बढ़ते हवाई यातायात को देखते हुए Government ने शहर में दूसरे एयरपोर्ट की योजना भी पेश की है. Chief Minister ने कहा कि मौजूदा केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा देश के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट्स में से एक बन चुका है और अब यह देश का तीसरा सबसे बड़ा एयरपोर्ट माना जाता है. बढ़ती यात्रियों की संख्या और भीड़ को कम करने के लिए राज्य Government शहर में दूसरा एयरपोर्ट बनाने की संभावना पर काम करेगी. इसके लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) से तकनीकी सलाह लेकर एक विस्तृत फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जाएगी.
Chief Minister ने यह भी बताया कि राज्य Government ने अब तक कर्नाटक में सात घरेलू एयरपोर्ट के विकास के लिए कुल 1,593 करोड़ रुपए की ग्रांट जारी की है. इसके अलावा, चालू वित्तीय वर्ष के लिए 200 करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रावधान भी किया गया है ताकि इन एयरपोर्ट्स के विकास से जुड़े काम तेजी से पूरे किए जा सकें.
रेलवे सेक्टर को लेकर भी Government ने कई योजनाओं की जानकारी दी. राज्य में फिलहाल रेल मंत्रालय के साथ 50:50 लागत साझेदारी के आधार पर नौ नए रेलवे रूट बनाए जा रहे हैं. Chief Minister के अनुसार इन परियोजनाओं के लिए राज्य Government पहले ही जमीन अधिग्रहण पर 2,950 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है, जबकि निर्माण कार्यों पर अब तक 2,682 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं.
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इन रेलवे प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने के लिए 600 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. Government का उद्देश्य राज्य में बेहतर रेल कनेक्टिविटी विकसित करना और यातायात को अधिक सुविधाजनक बनाना है.
Government का मानना है कि इन नई परियोजनाओं से Bengaluru और कर्नाटक के अन्य हिस्सों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी, ट्रैफिक की समस्या कम होगी और पर्यटन के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा.
Bengaluru में चल रहे Bengaluru उपनगरीय रेल परियोजना का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. Government के अनुसार इस परियोजना के तहत निर्माण कार्य जारी है, जबकि कॉरिडोर-4, जो हीलालिगे से राजानुकुंटे तक जाएगा, उसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है. राज्य Government का लक्ष्य है कि दोनों कॉरिडोर पर काम दिसंबर 2030 तक पूरा कर लिया जाए. Chief Minister सिद्दारमैया ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में इस परियोजना के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है.
बजट में Government ने नम्मा मेट्रो के विस्तार पर भी खास जोर दिया है. यह नेटवर्क देश का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रो रेल नेटवर्क माना जाता है. अभी मेट्रो का ऑपरेशनल नेटवर्क लगभग 96 किलोमीटर तक फैला हुआ है और रोजाना करीब 10 लाख यात्रियों को सेवा देता है. Government के अनुसार इस परियोजना पर अब तक कुल 67,460 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं. इसमें से राज्य Government का योगदान 59,376 करोड़ रुपए है, जबकि केंद्र Government ने 8,084 करोड़ रुपए दिए हैं. राज्य Government का कहना है कि कुल खर्च में केंद्र की हिस्सेदारी लगभग 12 प्रतिशत है, जबकि राज्य Government का हिस्सा करीब 88 प्रतिशत है.
Government ने यह भी बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान करीब 41 किलोमीटर नई मेट्रो लाइनें पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है. इन नई लाइनों के शुरू होने के बाद रोजाना लगभग 15 लाख यात्रियों को मेट्रो सेवा का फायदा मिलने की उम्मीद है. इससे शहर में ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों को तेज और सुविधाजनक परिवहन मिल सकेगा.
Bengaluru पर बढ़ते दबाव को कम करने और राज्य में संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने के लिए Government ने मैसूर को राज्य के दूसरे आईटी हब के रूप में विकसित करने की योजना भी घोषित की है. Chief Minister सिद्धारमैया ने कहा कि फिलहाल मैसूर में आईटी सेक्टर की करीब 100 कंपनियां काम कर रही हैं, जिनमें 30,000 से ज्यादा लोग रोजगार पा रहे हैं. Government का मानना है कि आने वाले वर्षों में यहां आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर को और बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे.
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एमएस/