कर्नाटक: मुख्यमंत्री शिवकुमार ने बांदीपुर और नागरहोल सफारी फिर शुरू करने के दिए निर्देश

Bengaluru, 30 जून . कर्नाटक के Chief Minister डीके शिवकुमार ने Tuesday को अधिकारियों को निर्देश दिया कि बांदीपुर और नागरहोल राष्ट्रीय उद्यानों में सफारी और इको-टूरिज्म गतिविधियां फिर से शुरू की जाएं. हालांकि, उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी जरूरी सुरक्षा उपायों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए.

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, Chief Minister ने अधिकारियों को मेकेदातु पेयजल परियोजना से जुड़े छोटे तकनीकी मुद्दों की पहचान कर उन्हें प्रभावी ढंग से हल करने के निर्देश भी दिए. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु इस परियोजना में देरी करने के लिए Supreme Court में ‘छोटी-छोटी तकनीकी आपत्तियां’ उठा रहा है.

Chief Minister ने ये निर्देश विधान सौधा समिति कक्ष में कर्नाटक राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए.

बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि बांदीपुर और नागरहोल के सफारी तथा इको-टूरिज्म क्षेत्रों में बाघों और तेंदुओं की संख्या उन इलाकों की तुलना में अधिक है, जहां मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं ज्यादा होती हैं.

इसे ध्यान में रखते हुए Chief Minister ने निर्देश दिया कि सफारी गतिविधियां तभी शुरू की जाएं, जब कड़े एहतियाती और सुरक्षा उपाय लागू कर दिए जाएं, ताकि पर्यटकों को किसी भी प्रकार का खतरा न हो.

बैठक में अधिकारियों ने यह भी बताया कि बीएमआईसी कॉरिडोर के निर्माण के कारण हाथियों, बाघों और तेंदुओं के पारंपरिक आवागमन मार्ग बाधित हो गए हैं. इसके चलते जंगली जानवर जंगलों से निकलकर चन्नाPatna और रामनगर क्षेत्रों की ओर जा रहे हैं, जिससे इन इलाकों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं.

अधिकारियों ने यह भी बताया कि Bengaluru-मैसूर एक्सप्रेसवे को मंजूरी देते समय वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही के लिए अंडरपास, ओवरपास और विशेष वन्यजीव गलियारे बनाने की शर्त रखी गई थी, लेकिन सड़क निर्माण के दौरान इन शर्तों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया.

स्थायी समिति के सदस्यों ने Bengaluru शहर में सूखे और खतरनाक पेड़ों तथा उनकी शाखाओं को हटाने संबंधी पहले दिए गए निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन नहीं होने पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि समय पर कार्रवाई नहीं होने के कारण भारी बारिश और तेज हवाओं के दौरान पेड़ और शाखाएं गिरने से कई हादसे हो चुके हैं.

इन चिंताओं पर प्रतिक्रिया देते हुए Chief Minister ने संबंधित अधिकारियों को सार्वजनिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि खतरनाक पेड़ों और शाखाओं की तुरंत पहचान कर उन्हें हटाया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जाएं.

एएमटी/डीकेपी

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