जॉर्डन ने भारत की अगुवाई वाली वैश्विक पहलों आईएसए, सीडीआरआई और जीबीए में सदस्यता की पुष्टि की

New Delhi, 27 अप्रैल . जॉर्डन ने India के नेतृत्व में चल रही प्रमुख वैश्विक पहलों—इंटरनेशनल सोलर अलायंस यानी अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए), आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे के लिए गठबंधन (सीडीआरआई) और वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन (जीबीए)—की सदस्यता की औपचारिक पुष्टि की है.

India में जॉर्डन के राजदूत यूसुफ अब्देलगनी ने Monday को इन पहलों में जॉर्डन की सदस्यता से संबंधित दस्तावेज विदेश मंत्रालय में सचिव (दक्षिण) नीना मल्होत्रा को सौंपे.

यह कदम India और जॉर्डन के बीच बढ़ते सहयोग को दर्शाता है, खासकर ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में. आईएएसए के माध्यम से सौर ऊर्जा के विस्तार को बढ़ावा मिलेगा, जबकि सीडीआरआई ढांचागत परियोजनाओं को आपदा-रोधी बनाने में सहयोग प्रदान करेगा. वहीं, जीबीए स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा के रूप में जैव ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक वैश्विक मंच उपलब्ध कराता है.

जॉर्डन का इन पहलों में शामिल होना India की वैश्विक नेतृत्व भूमिका को और मजबूत करता है और विकासशील देशों के बीच सहयोग को नई दिशा देता है. यह साझेदारी जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और सतत विकास को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है.

India लंबे समय से इन बहुपक्षीय पहलों के जरिए वैश्विक दक्षिण के देशों के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर देता रहा है, और जॉर्डन की सदस्यता इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति मानी जा रही है.

दिसंबर 2025 में Prime Minister मोदी की जॉर्डन यात्रा के दौरान, दोनों देशों ने नवीकरणीय ऊर्जा और जल संसाधन प्रबंधन पर समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे. दोनों देशों ने आगामी 5 वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 5 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य भी रखा. बता दें कि भारत, जॉर्डन का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साथी है.

केआर/

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