
रांची, 11 अगस्त . Jharkhand कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की वर्ष 2022 में आयोजित कनीय अभियंता (डिप्लोमा) प्रतियोगी परीक्षा के पेपर लीक मामले में रांची Police की विशेष जांच टीम ने परीक्षा संचालन एजेंसी के निदेशक को Mumbai से गिरफ्तार किया है. Police के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान अरुण कुमार के रूप में हुई है. जांच में परीक्षा संचालन एजेंसी की कथित संलिप्तता के साक्ष्य मिलने के बाद उसकी गिरफ्तारी की गई.
जेएसएससी ने तीन जुलाई 2022 को कनीय अभियंता (डिप्लोमा) के 1,279 पदों पर नियुक्ति के लिए परीक्षा आयोजित की थी. परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रथम पाली की उत्तरमाला वायरल होने और प्रश्नपत्र लीक होने की जानकारी सामने आई थी. इसके बाद आयोग ने परीक्षा रद्द कर दी थी. मामले में अभ्यर्थी मिथलेश कुमार महतो की लिखित शिकायत पर 14 जुलाई 2022 को नामकुम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468 और 120बी, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 तथा बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम की धारा 10 के तहत मामला दर्ज किया गया था.
मामले की जांच के लिए बाद में विशेष जांच दल गठित किया गया. Police के अनुसार, जांच में पेपर लीक की पुष्टि हुई. पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सामने आया कि परीक्षा संचालन का जिम्मा New Delhi स्थित बायनसिस टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया था. जांच के दौरान पेपर लीक कराने वाले एक सिंडिकेट का भी पता चला.
Police के मुताबिक, इस सिंडिकेट के माध्यम से Patna में कुछ अभ्यर्थियों को प्रश्नों के उत्तर पहले से रटवाए गए थे. जांच के क्रम में परीक्षा संचालन एजेंसी और उसके संचालक की भूमिका भी सामने आई. इसके बाद Police अरुण कुमार की तलाश में जुटी थी. उसके Mumbai में छिपे होने की सूचना मिलने के बाद रांची Police की विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया.
Police ने बताया कि मामले में इससे पहले परीक्षार्थी एवं प्राथमिक आरोपी रंजीत मंडल, सिंडिकेट के सदस्य दीपक कुमार, अभिषेक कुमार और दीपक श्रीवास्तव तथा परीक्षा संचालन एजेंसी के सीनियर मैनेजर कृष्ण कुमार को गिरफ्तार किया जा चुका है. सभी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. गिरफ्तार अरुण कुमार नालंदा जिले के चिकसौरा थाना क्षेत्र के खोखुना गांव का रहने वाला है.
Police के अनुसार, मामले में अभी कुछ अन्य आरोपी फरार हैं. उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. जांच टीम पेपर लीक के पूरे नेटवर्क और उसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है.
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एसएनसी/डीकेपी