
रांची, 12 मार्च . Jharkhand के पलामू जिले के ऐतिहासिक डालटनगंज रेलवे स्टेशन का नाम अब आधिकारिक रूप से मेदिनीनगर रेलवे स्टेशन होगा. केंद्र Government की सहमति मिलने के बाद Chief Minister हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में Thursday को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई.
Government के इस निर्णय के साथ ही करीब दो दशक पहले शहर का नाम बदलकर मेदिनीनगर किए जाने की प्रक्रिया अब रेलवे स्टेशन तक भी पहुंच गई है. दरअसल, ब्रिटिश काल में वर्ष 1861-62 के आसपास छोटानागपुर के तत्कालीन कमिश्नर और मानवविज्ञानी कर्नल एडवर्ड टुइट डाल्टन के नाम पर इस शहर का नाम डालटनगंज रखा गया था.
बाद में, वर्ष 2004 में राज्य Government ने ऐतिहासिक खेरो राजवंश के लोकप्रिय शासक मेदिनी राय के नाम पर शहर का नाम बदलकर मेदिनीनगर कर दिया था. अब लगभग 22 वर्ष बाद रेलवे स्टेशन का नाम भी उसी के अनुरूप बदलने का रास्ता साफ हो गया है. कैबिनेट बैठक में इस निर्णय के अलावा कुल 40 प्रस्तावों पर स्वीकृति दी गई.
एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में राज्य कर्मियों की सेवा और सेवा निवृत्ति से जुड़े विवादों के समाधान के लिए नई नियमावली को मंजूरी दी गई है. इस व्यवस्था के तहत कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए समय सीमा तय की गई है और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी निर्धारित की गई है.
यदि किसी कर्मचारी को निचले स्तर पर लिए गए निर्णय से संतोष नहीं होता है, तो उसके लिए अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपनी बात रखने की भी व्यवस्था की गई है. Government का मानना है कि इस नियमावली से सेवा से जुड़े विवादों के त्वरित और पारदर्शी निपटारे में मदद मिलेगी. इसके अलावा कैबिनेट ने मानकी मुंडा छात्रवृत्ति योजना के दायरे को भी विस्तारित करने का फैसला किया है.
अब इस योजना का लाभ Jharkhand से बाहर स्थित तकनीकी महाविद्यालयों में पढ़ने वाली राज्य की छात्राओं को भी मिल सकेगा. इससे पहले यह सुविधा केवल Jharkhand तकनीकी विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं तक सीमित थी. बैठक में रांची महिला कॉलेज की छात्राओं के लिए प्रस्तावित 528-बेड के छात्रावास को कॉलेज परिसर के बजाय मोरहाबादी स्थित कल्याण परिषद परिसर में बनाने का निर्णय भी लिया गया.
इसके साथ ही Chief Minister , मंत्रियों, विधायकों और पूर्व विधायकों को अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों की तर्ज पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है. इस व्यवस्था के तहत उनके उपचार पर होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति राज्य Government करेगी.
–
एसएनसी/डीके